छत्तीसगढ़ युवक कांग्रेस में एक पद पर दो-दो नियुक्तियां कर दी गई है. (सांकेतिक फोटो)
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) युवक कांग्रेस (Congress) में एक पद पर दो-दो नियुक्तियां कर दी गईं, जिसके बाद बवाल मच गया है. युवक कांग्रेस संचार विभाग के मीडिया डिपार्टमेंट (Media Department) का चेयरमैन बनाने को लेकर है. एक पद पर दो लोगों की नियुक्ति होने के बाद भी पार्टी के बड़े नेताओं को इसकी जानकारी नहीं है.
प्रदेश प्रभारी नियुक्ति से अनजान
हैरानी इस बात से नहीं कि कांग्रेस में एक पद पर दो-दो नियुक्तियां हो गईं. अचरज ये है कि दोनों ही नियुक्ति राष्ट्रीय स्तर से हुई और दूसरी नियुक्ति की जानकारी छत्तीसगढ़ युवक कांग्रेस प्रदेश प्रभारी संतोष कोलकुंडा को नहीं है. नई नियुक्ति के बारे में न्यूज 18 से बात करते हुए प्रदेश प्रभारी ने कहा कि उन्हें इस नई नियुक्ति की कोई जानकारी नहीं है, जबकि पूर्व में हुई नियुक्ति सभी की आपसी सहमति से ही हुई थी. साथ ही यह भी कहा कि मैं फिलहाल दिल्ली से बाहर हूं. दिल्ली लौटने पर मामले की जानकारी लेकर आगे कुछ कह पाऊंगा.
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छत्तीसगढ़ युवक कांग्रेस के अध्यक्ष कोको पाढ़ी ने निखिल द्विवेदी की नियुक्ति पर अनभिज्ञता जताते हुए न्यूज़ 18 से कहा कि उन्हें नई नियुक्ति की अधिकारिक जानकारी नहीं है. मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए जरूर यह खबर पढ़ने को मिली है, लेकिन नई नियुक्ति को लेकर नियुक्त पदाधिकारी ने भी कोई चर्चा नहीं की है. साथ ही यह भी कहा कि मैं आला नेताओं से चर्चा कर मामले की जानकारी जुटाऊंगा.
कांग्रेस की रीति-नीति में सब कुछ संभव है कि दलील देने वाले वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक बाबूलाल शर्मा का कहना है कि कांग्रेस संगठन के एक पद पर दो लोगों की नियुक्ति कोई नई बात नहीं है. छत्तीसगढ़ में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले पीसीसी विस्तार में प्रदेश सचिव का एक पद तीन-तीन लोगों को दिया गया था. अगर युवक कांग्रेस में एक पद पर दो नियुक्ति हो गई तो यह कोई बड़ी बात नहीं है.
नियुक्ति विवाद को लेकर बाबूलाल शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सत्ताधारी दल है इसलिए विपक्ष को हमलावर होने का मौका नहीं देगी और आगामी एक सप्ताह के भीतर ही इस मामले का पटाक्षेप हो जाएगा, जिसके तहत किसी एक व्यक्ति की नियुक्ति को रद्द किया जाएगा.
ये कैसी युवा दृष्टि
खबर की शुरुआत में जिस युवा दृष्टि का जिक्र किया गया था. दरअसल वह यह कि पिछले महीने ही युवक कांग्रेस ने राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया था. युवा दृष्टि थीम आयोजित प्रशिक्षण में युवक कांग्रेस को ‘संगठन सर्वोपरि’ का पाठ पढ़ाया था और ना केवल युवक कांग्रेसी बल्कि मंत्री से लेकर आला नेताओं ने भी युवाओं को संबोधित कर उन्हें संगठन की रीढ़ कहा था. मगर एक माह के भीतर ही युवक कांग्रेस की दृष्टि और दृष्टिकोण, दृष्टिहीनता का शिकार हुआ लगता है.


