छत्तीसगढ़ सरकार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतन की बकाया राशि की दो किश्तें दे चुकी है (फाइल फोटो)
कोरोना संक्रमण के चलते छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) ने पिछले वर्ष दी जाने वाली तीसरी किश्त का भुगतान टाल दिया था. कर्मचारियों की लगातार मांग और राज्य की स्थिति ठीक होने पर अब यह किश्त जारी की जा रही है. एक जुलाई, 2016 से 30 सितंबर, 2016 तक लिए बकाए की तीसरी किश्त 360 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. बकाए की इस किश्त से कर्मचारियों-अधिकारियों को न्यूनतम पांच हजार रुपए से लेकर 40 हजार रुपये तक का लाभ होगा
दरअसल कोरोना वायरस के चलते सरकार ने पिछले वर्ष दी जाने वाली तीसरी किश्त का भुगतान टाल दिया था. कर्मचारियों की लगातार मांग और राज्य की स्थिति ठीक होने पर अब यह किश्त जारी की जा रही है. एक जुलाई, 2016 से 30 सितंबर, 2016 तक लिए बकाए की तीसरी किश्त 360 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. बकाए की इस किश्त से कर्मचारियों-अधिकारियों को न्यूनतम पांच हजार रुपए से लेकर 40 हजार रुपये तक का लाभ होगा.
सरकार के इस निर्णय पर अधिकारियों ने बताया कि बकाए की इस किश्त में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पांच हजार से 10 हजार रुपए मिलेंगे. तृतीय श्रेणी कर्मचारी को 10 से 20 हजार और द्वितीय श्रेणी अधिकारी को 20 से 30 हजार का फायदा होगा. वहीं प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को 35 से 40 हजार रुपए हासिल होंगे. बता दें कि सरकार ने कर्मचारियों के वेतन बकाए का भुगतान छह किश्तों में देने की योजना बनाई थी. अगस्त 2018 में सरकार ने पहली किश्त के तौर पर 344 करोड़ रुपए दिए थे. इसके अगले वर्ष अक्टूबर में सरकार ने दूसरी किश्त के 356 करोड़ रुपयों का भुगतान किया था. इस तरह सरकार कर्मचारियों-अधिकारियों को अभी तक लगभग 700 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान कर चुकी है.
छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ देने के लिए वर्ष 2017 में छत्तीसगढ़ पुनरीक्षण नियम बना था. सरकार ने जनवरी 2016 से बढ़ा हुआ वेतन देने की बात कही थी. लेकिन वेतन में इसका फायदा जुलाई 2017 से बढ़े हुए वेतन के रूप में सामने आया था. सरकार ने जनवरी 2016 से जून 2017 तक 18 महीने का बकाया छह किश्तों में देने का वादा किया था. जो वर्ष 2018 से कर्मचारियों-अधिकारियों को हर साल मिलता रहा है. कर्मचारी संघ ने सरकार के इस निर्णय पर खुशी जाहिर की है.

