सुकमा एनकाउंटर में अब तक 24 जवान शहीद हुए हैं.
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर और सुकमा जिले के बॉर्डर (Bijapur and Sukma Border) पर नक्सली मुठभेड़ में 24 जवान शहीद हुए हैं. इस घटना के बारे में घायल जवानों ने न्यूज़ 18 को पूरी कहानी बताई, जोकि काफी चौंकाने वाली है.
इस घटना की कहानी एक घायल जवान ने खुद बताते हुए अपने इरादे जता दिए हैं. न्यूज़ 18 के साथ जवानों ने मुठभेड़ की कहानी खुद अपनी जुबानी बयां की है. जवान बलराज का कहना है कि आधुनिक हथियार के साथ-साथ माओवादी अपने हाथों से बनाए हुए गोले बारूद से हमला कर रहे थे. जवान बलराज के पेट में गोली लगी है, तो एक अन्य जवान देव प्रकाश की पीठ में गोली लगी है और अभी तक गोली फंसी हुई है. इसके अलावा सेकेंड इन कमांडर संदीप द्विवेदी के सीने में दो गोलियां लगी हैं.
घायल जवानों ने कही यह बात
घायल जवान बलराज ने न्यूज़ 18 से कहा कि जब हम शनिवार की सुबह टारगेट को हिट करके लौट रहे थे, तो इस दौरान हमने एक टेकरी पर एलआपी ले ली, तभी हमें सूचना मिली कि माओवादी हमें ट्रैक कर रहे हैं और वह बहुत बड़ी पार्टी है. इसके बाद हमले एक जगह पोजीशन ले ली और ऑलराउंड डिफेंस लगाकर बैठ गए. इसके कुछ देर बाद माओवादी ने हमला बोल दिया. वह आधुनिक हथियार के साथ-साथ अपने हाथों से बनाए हुए गोले बारूद से हमला कर रहे थे. जवान बलराज ने बताया कि वह हम पर जमकर हमला बोल रहे थे और हम उन्हें खदेड़ने के लिए पूरी ताकत लगा रहे थे. यही नहीं, प्लेन क्षेत्र में हमने उन्हें कई किलोमीटर तक पीछे धकेल दिया था. इस दौरान हमें भी नुकसान हुआ, लेकिन उनको भी भारी नुकसान हुआ है.जबकि एक अन्य जवान देव प्रकाश ने बताया कि इस घटना के दौरान हम चारों तरफ से घिर चुके थे और वह गोलीबारी के साथ गोले दाग रहे थे. इसके बाद हम एक तरफ फायरिंग करते हुए आगे बढ़े, लेकिन इस दौरान वह हमारा पीछा कर रहे थे. जवान ने कहा कि इस दौरान माओवादियों को भारी नुकसान हुआ, लेकिन वह डेड बॉडी लाने नहीं दिए. इस दौरान वह जोरदार फायरिंग कर रहे थे. साथ ही घायल जवान ने कहा कि अगर फिर मौका मिला तो माओवादियों का ढेर कर देंगे.
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यह अंतिम हमला है: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
इस घटना में घायल जवानों से मिलने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अस्पताल पहुंचे. इस दौरान उन्होंने उनका हाल जाना और अपना इरादा स्पष्ट करते हुए कहा है कि माओवादियों के खिलाफ अभियान में कोई कमी नहीं आएगी और यह अंतिम हमला है.
25-30 माओवादी ढेर
डीजी सीआरपीएफ कुलदीप सिंह के मुताबिक, इस घटना में अब तक 24 जवान शहीद हो चुके हैं. जबकि इस दौरान माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है. इस मुठभेड़ में 25-30 माओवादी ढेर हुए हैं.

