नक्सली हमले के बाद हिड़मा को मारना सरकार की बड़ी चुनौती.
माड़वी हिड़मा उर्फ हिडमन्ना उर्फ हिडमालू उर्फ संतोष (Naxalite commander Madvi Hidma) नक्सलियों में सबसे खूंखार नाम है. माना जा रहा है कि सुरक्षाबलों को हिड़मा के बारे में जानकारी मिली थी और उसके खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा था. घने जंगलों के बीच चलाए जा रहे ऑपरेशन की जानकारी नक्सलियों को लग गई थी. इसके बाद शनिवार को नक्सलियों के हमले में 22 जवान शहीद हो गए. अब नक्सली कमांडर हिड़मा को ढेर करना सरकार की सबसे बड़ी चुनौती है.
माड़वी हिड़मा उर्फ हिडमन्ना उर्फ हिडमालू उर्फ संतोष नक्सलियों में सबसे खूंखार नाम है. माना जा रहा है कि सुरक्षाबलों को हिड़मा के बारे में जानकारी मिली थी और उसके खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा था. घने जंगलों के बीच चलाए जा रहे ऑपरेशन की जानकारी नक्सलियों को लग गई थी. इसके बाद शनिवार को नक्सलियों के हमले में 22 जवान शहीद हो गए. 1 जवान अभी भी लापता है.
कौन है हिड़मा ?
पूर्वती का रहने वाला हिड़मा अब नक्सलियों का बड़ा कमांडर है. वह प्रतिबंध संगठन CPI (माओवादी) का सदस्य होने के साथ मोस्ट वांटेड नक्सली है. करीब 40-45 साल और छोटे कद का हिड़मा नक्सलियों की PLGA यानी People’s Liberation Guerilla Army की खूंखार बटालियन नंबर 1 का कमांडर है. हिड़मा माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल ज़ोन कमेटी DKSZ का सदस्य भी है. जानकारी के अनुसार हिड़मा हमेशा अपने साथ AK-47 लेकर चलता है. माना जाता है कि छत्तीसगढ़ में हुए हर बड़े हमले के पीछे हिड़मा का नाम सामने आता है.26 नक्सली हमले, 45 लाख का इनाम
करीब 26 बड़े नक्सली हमलों को अंजाम देने वाले हिड़मा के सर पर 45 लाख का इनाम है. माना जाता है कि 2013 के झीरम घाटी हमले के पीछे भी हिड़मा का हाथ हो सकता है. शनिवार को जो ऑपरेशन चलाया जा रहा था, वो भी पूर्वती के करीब के इलाके का था, जहां का हिडमा रहने वाला है. सूत्र बताते हैं कि हिड़मा की लोकेशन उस वक़्त उसी इलाके में थी. आज सुकमा हिड़मा का गढ़ बना हुआ है.
महिलाओं के साथ 250 नक्सली हिड़मा की सुरक्षा में
90 के दशक में नक्सलियों के साथ शामिल होने वाला हिड़मा आज सबसे खतरनाक नक्सली बन चुका है. महिलाओं समेत करीब 250 हथियारबंद नक्सली हिड़मा के सुरक्षा घेरे में रहते हैं. सूत्र बताते हैं कि हिड़मा की सुरक्षा के 5 से 7 लेयर हैं. करीब 1 किलोमीटर तक हिड़मा का सुरक्षा घेरा फैला हुआ है.
अपने ही करीबियों को मार चुका हिड़मा
2018 में एक सरेंडर करने वाले नक्सली ने सुरक्षाबलों को बताया था कि अगर हिड़मा का खात्मा हो जाता है तो सुकमा में नक्सलवाद की कमर टूट जाएगी. सूत्र बताते हैं कि हिड़मा ने कई करीबियों को मार गिराया गया है, और अब हिड़मा का अंत भी बहुत दूर नहीं है

