बीजापुर नक्सली मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हुए हैं. (फोटो- गायब जवान की बेटी अपने अंकल के साथ)
Chhattisgarh Maoist Attack: बीजापुर नक्सली मुठभेड़ के बाद गायब जवान की पहचान राकेश्वर सिंह मन्हास (Rakeshwar Singh Manhas) के रूप में हुई है. सीआरपीएफ (CRPF) के इस जवान की पांच साल की बेटी ने नक्सलियों से अपने पिता को रिहा करने की अपील की है.
यही नहीं, जब जवान राकेश्वर सिंह मन्हास की बेटी ने यह अपील की तो उसके आंसू निकल रहे थे जबकि मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम थीं. इसके अलावा जवान का सात साल का भतीजा आकाश भी अपने अंकल के बारे में पूछताछ कर रहा है. इस बीच मौके पर मौजूद मीडिया वालों से उसने पूछा, ‘ अंकल आप तो मीडिया में हैं, आपको पता होगा कि मेरे अंकल कहां हैं.’
पांच दिन पहले हुई थी बात: मीनू मन्हास (जवान की पत्नी)
जवान राकेश्वर सिंह मन्हास की पत्नी मीनू मन्हास ने न्यूज़ 18 को बताया कि उसकी अपने पति से पांच दिन पहले बात हुई थी. उन्होंने कहा था कि वह अभी ऑपरेशन के लिए जा रहे हैं और लौटकर कॉल करेंगे. जब से मैंने मुठभेड़ होने की खबर सुनी है तब से न सिर्फ परेशान हूं बल्कि लगातार उनके नंबर पर फोन कर रही हूं, लेकिन कोई जवाब नहीं आया. मीनू मन्हास ने मुताबिक, जब उन्होंने अपने पति के साथी को कॉल की तब उनके गायब होने की बात पता चली. साथ उन्होंने बताया कि सोमवार की दोपहर उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आया, जिसमें जवान के माओवादियों में कब्जे में होने की बात कही गई. फोन करने वाले ने खुद को बीजापुर का स्थानीय पत्रकार बताया है. मीनू मन्हास के मुताबिक, पत्रकार ने जवान की रिहाई के लिए माओवादियों से अपील करने का वीडियो बनाकर भेजने के लिए कहा था जो मैंने भेज दिया है. हालांकि मैं चकित हूं कि कैसे बीजापुर में बैठे व्यक्ति को मेरा नंबर मिला. यह जांच का विषय है. इसके अलावा जवान की पत्नी ने पीएम नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा, ‘मेरे पति को वापस मंगवा लो, अगर वह सुरक्षित हैं तो उन्हें वापस ला दो. जैसे अभिनंदन को पाकिस्तान से वापस लाया था वैसे ही मेरे पति को वापस ला दो.’75 साल की मां ने भी की अपील
सीआरपीएफ के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास की 75 साल की मां कुंती देवी ने उम्मीद जताई है कि सरकार मेरे बेटे की रिहाई के लिए नक्सलियों से बात करेगी और वह जल्दी छूटेगा. इसके साथ उन्होंने कहा कि मेरे पति भी सीआरपीएफ में थे और उन्होंने भी देश के लिए कुर्बानी दी है. जबकि मेरे बेटे ने भी अपने पिता से प्रेरित होकर सीआरपीएफ ज्वाइन की थी. इस बीच सीआरपीएफ ने जवान की रिहाई का भरोसा दिया है.

