सांकेतिक फोटो.
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कोरबा (Korba) में एक किशोरी बालिका वधू बनने से बच गई. परिजनों को दी गई समझाइश के बाद शादी रोक दी गई है.
टीम उड़ता पहुंची जहां उन्होंने देखा की विवाह की पूरी तैयारी हो चुकी थी. बारात पहुंचने से पहले पुलिस व प्रशासन के अधिकारियो को देखकर परिजन के होश उड़ गए. अधिकारियों ने किशोरी की आयु पर संदेह जताते हुए आयु प्रमाण पत्र के लिए अंकसूची दिखाए जाने की बात कही, जिसमे कक्षा दसवीं की अंकसूची में 23 नवंबर 2003 दर्ज था. उसके बालिग होने में पांच माह बाकी है.
दिया बाल विवाह करार
टीम ने तत्काल इसे बाल विवाह करार देते हुए शादी पर रोकने की बात कही. टीम ने बाल विवाह के लिए बनाए गए कानून व सजा से अवगत कराया. जिस पर परिजनों ने 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद किशोरी का विवाह करने सहमति जताई. परिजनों से शपथ पत्र भरवाया गया. बारात को आधे रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा. अधिकारियों की सतर्कता से कोरोना संक्रमण काल और लॉक डाउन के इस मुशिकल दौर में बाल विवाह रोकने में सफलता हासिल की है.

