foods you should not eat raw: Ayurveda and Raw Foods: इम्यूनिटी बढ़ाने के चक्कर में कहीं सेहत के लिए महंगा न पड़ जाए कच्चा खाना, आयुर्वेदिक डॉक्टर ने दी चेतावनी – ayurvedic doctor advise why you should not eat raw food to increase immunity here are some side effects

कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच तमाम लोगों ने फलों के अलावा और भी तमाम तरह के रॉ फूड यानी कच्ची चीजें खाने को अपनी डाइट में शामिल कर लिया है। रॉ फूड अब सबसे पॉपुलर डाइट ट्रेंड में से एक हो गया है। कुछ लोग या तो वजन कम करने के लिए रॉ फूड आइटम्स को लेना प्रिफर करते हैं या फिट रहने की कोशिश कर रहे हों तब। क्योंकि रॉ फूड आइटम्स में नेचुरल फाइबर और पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है।

इसके पीछे लोगों का विचार यह है कि किसी भी भोजन को गर्म करने से उसके पोषक तत्व और नेचुरल एंजाइम नष्ट हो जाते हैं, जो पाचन तंत्र के लिए खराब हो सकता है और यहां तक कि पुरानी बीमारी भी हो सकती है। लेकिन इस मुद्दे पर आयुर्वेद का दृष्टिकोण अलग है। आयुर्वेद कच्चे खाने को सही नहीं मानता। आयुर्वेद के मुताबिक कच्चा खाना नहीं खाना चाहिए, यहां जाने इसके पीछे की वजह।
(फोटो साभार: istock by getty images)

​रॉ फूड आइटम्स पर आयुर्वेद का विचार

आयुर्वेद (Ayurveda) की मानें तो आपको सिर्फ फल, नट्स और सलाद ही कच्चा खाना चाहिए। इसके अलावा बाकी जितनी भी खाने की चीजें हैं और फूड आइटम्स हैं उन सभी को पकाकर ही खाना चाहिए। प्राचीन भारतीय मेडिकल सिस्टम की मानें तो भोजन को पकाकर खाने से शरीर को 2 तरह से फायदा होता है।

1. गर्म खाना आपकी आंत (gut) में ब्लड फ्लो को बढ़ाती है जिससे पाचन की प्रक्रिया बेहतर होती है।

2. पका हुआ खाना पेट में आसानी से टूट जाता है जिससे भोजन के पोषक तत्व शरीर द्वारा आसानी से अब्जॉर्ब हो जाते हैं।

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​क्या कहता है विज्ञान

आयुर्वेद ही नहीं बल्कि साइंस (science) भी इस बात का समर्थन करता है कि फल, नट्स और सलाद के अलावा दूसरे किसी भी फूड आइटम्स को कच्चा नहीं खाना चाहिए। इस बारे में बहुत सी रिसर्च भी आ चुकी हैं जिसमें यह बात साबित हो चुकी है कि कच्चे भोजन से पका हुआ खाना कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है।

​​कच्ची सब्जियां खाने से हो सकती हैं बीमारियां

एक स्टडी की मानें तो पानी में पके हुए भोजन में एंटीऑक्सीडेंट कॉन्टेंट काफी अधिक होता है। इसके अलावा कच्ची सब्जियां अगर कोई खाए तो उन्हें डाइजेस्ट करना बेहद मुश्किल होता है जिससे पेट में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। वहीं आयुर्वेद डॉक्टर भी यही मानते हैं कि पके हुए भोजन बैक्टीरिया

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​क्या कहते हैं आयुर्वैदिक डॉक्टर

कच्चे खाने को लेकर जब हमने जीवोत्तम आयुर्वेद केंद्र, बेंगलुरु के आयुर्वेद वैद्य डॉ. शरद कुलकर्णी M.S (Ayu),(Ph.D.) से बातचीत की तो उन्होंने कहा, रॉ फूड आइटम्स से शरीर में बैक्टीरिया जा सकते हैं जिससे इंफेक्श बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा, भले ही आपको पोषक तत्व ज्यादा मिल जाते हों लेकिन उसके साथ-साथ धूल, मिट्टी, छोटे-छोटे स्टोन्स भी शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। लिहाजा आपको स्टोन्स की शिकायत भी हो सकती है।

​इस तरह से खा सकते हैं कच्चा भोजन

डॉक्टर शरद कुलकर्णी के अनुसार, अगर आप कच्चा खाने के अत्यधिक शौकीन हैं तो रॉ फूड आइटम्स को 3 से 4 बार अच्छे से धो धुल लें। अच्छी तरह से धोकर खाने से कोई समस्या तो नहीं है लेकिन फिर भी सूक्ष्म कीटाणु रह जाते हैं।

इसलिए डॉक्टर की मानें तो आप गर्म पानी में साफ करके खा सकते हैं। आप गर्म पानी में हल्दी और नमक डालकर रॉ फूड आइटम्स को उबालकर भी खा सकते हैं। इससे आपको नेचुरल मात्रा में पोषक तत्व और फाइबर मिलेगा।

​पूरी तरह से बंद न करें कच्चा खाना

हालांकि, ऐसा भी नहीं है कि आपको कच्चा खाना या सलाद का सेवन पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। लेकिन आपको बस थोड़ा सावधान रहना चाहिए। सलाद को खाने से पहले थोड़ा गर्म पानी में गुनगुना कर लें, खासकर सर्दियों के दौरान। ऐसा इसलिए है क्योंकि सर्दियों की तुलना में गर्मियों में हमारा पाचन तंत्र मजबूत होता है।

साथ ही, मानसून में कच्चे भोजन का सेवन न करें क्योंकि उस दौरान बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण अपने चरम पर होते हैं। सब्जियों को धोने और पकाने से बैक्टीरिया मर जाते हैं और आप विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से सुरक्षित रहते हैं।

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