Home Remedies: इम्‍यूनिटी बढ़ानी है तो मानें आयुर्वेद की सलाह, रोज पिएं गर्म पानी और घी में पकाकर खाएं खाना – to increase immunity for covid 19 follow ayurvedic tips drink hot water and make food in ghee

कोविड-19 महामारी के बाद खुद को स्वस्थ रखने के लिए लोगों ने प्रतिरक्षा प्रणाली को महत्व देना शुरू कर दिया है। ऐसे में आयुर्वेद का एक ही सिद्धांत है, रोकथाम इलाज से बहेतर है। बीमारियों को दूर करने और मन व शरीर को पवित्र बनाए रखने के लिए यह पारंपरिक इलाज बहुत फायदेमंद है। अब स्वास्थ्य के लिए लोग तेजी से आयुर्वेद पर भरोसा करने लगे हैं।

Medy365.com के सीईओ, श्रेयांश जैन का कहना है कि कोरोना से लड़ने के लिए इम्यूनिटी अच्छी होना जरूरी है। वे इसके लिए अदरक, तुलसी, गिलोय के साथ अन्य जडी-बृटियों के सेवन की सलाह देते हैं। क्योंकि ये स्वास्थ्य समस्याओं के मूल कारण को खत्म करता है। खासतौर से आज के हालातों को देखते हुए आुयर्वेद आपकी इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए कारगार हैं। तो चलिए जानते हैं कि इम्यूनिटी बढ़ाने में आयुर्वेद का फॉमूर्ला कैसे अपना सकते हैं।

​अपने दोष के अनुसार खाएं

आयुर्वेद के अनुसार, हर कोई विभिन्न प्रकार की ऊर्जा से बना है। जैसे वात, पित्त और कफ। इसे त्रिदोष के रूप में जाना जाता हे। ये मन ओर शरीर की स्थिति को निर्धारित करता है। जब तीनों दोष संतुलित होते हैं, तो शरीर स्वस्थ रहता है। जबकि इनके असंतुलन से व्यक्ति बीमार पड़ सकता है।

आयुर्वेद की मानें, तो वात दोष वाले लोगों को गर्म और पौष्टिक खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। जबकि पित्त दोष वाले लोगों के लिए अच्छी मात्रा में दूध, अनाज और सब्जियों के साथ ठंडे और ताजा खाद्य पदार्थों का सेवन करना अच्छा है। हालांकि, उन्हें नमकीन, तले हुए और भारी खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। इसके अलावा कफ दोष वाले लोगों को मसालेदार और गर्म भोजन खाना चाहिए।

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​गर्म पानी पीएं

आयुर्वेद में गले और म्यूकस में ब्रेन में नमी बनाए रखने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखने की जरूरत पर जोर दिया है। पानी रोगजनकों से लड़ने में आपकी बहुत मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, निर्जलीकरण शरीर में तरल पदार्थों के असंतुलन की वजह है, जिससे कई बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में आयुर्वेद गरम पानी का सेवन करने की सलाह देता है।

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​आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन करें-

शरीर की कम हो चुकी इम्यूनिटी को बढ़ाने का बेहतर तरीका है आयुर्वेदिक काढ़ा। यह पानी में उबाली गई जड़ी-बूटियों और मसालों का मिश्रण है।

एंटी-इंफ्लेमेट्री, एंटी वायरल, एंटी बैक्टीरियल और एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर हल्दी, तुलसी, अदरक, काली मिर्च, लौंग काढ़े में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां हैं। यह शरीर की रक्षा प्रणाली को बढ़ाते हैं। कोरोनावायरस महामारी के दौरान खुद को स्वस्थ रखने के लिए दिन में एक बार कम मात्रा में काढ़ा जरूर लेना चाहिए।

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​घी में खाना पकाएं

फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर घी हमारी सेहत को ठीक बनाए रखने के लिए बहुत अच्छा है। घी में ब्यूटिरिक एसिड की मौजूदगी कोलेस्ट्रॉल लेवल को मनटेन रखती है, वसायुक्त ऊतकों में कमी लाती है, इम्यूनिटी के साथ हेल्दी कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है।

जिससे व्यक्ति ऊर्जावान महसूस करता है। घी में खाना पकाने को एक फायदा यह है कि इससे नियमित तेलों से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने में मदद मिलती है।

​ध्यान के साथ तनाव को मैनेज करें

व्यस्त दिनचर्या में होने वाला मानसिक तनाव प्रतिरक्षा को प्रभावित कर सूजन पैदा करता है। ध्यान करने से तनाव को कम करने में बहुत मदद मिलती है। मन और शरीर के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए यह असंतुलित दोषों को संतुलन में लाने का काम करता है। आयुर्वेद के अनुसार, योग न केवल शारीरिक तनाव बल्कि मन को शांत करने के लिए भी बहुत अच्छा तरीका है।

ऊपर बताए गए आयुर्वेदिक तरीकों को अपनाने से न केवल आपका मन शांत रहेगा बल्कि कमजोर हो रही प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत होने में मदद मिलेगी।

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