Covid Waste: कोविड संक्रमित व्यक्ति के कचरे को उठाने में न बरतें लापरवाही, जरा सी चूक ले सकती है जान – how to safely dispose of your covid 19 waste and not harm the waste handlers

कोरोना वायरस की महामारी की वजह से हम सभी के जीवन में एक अलग ही बदलाव आया है। साथ ही इसका सकारात्मक असर प्रदूषण पर भी पड़ रहा है। नीला आसमान भी दिख रहा है और हवा में जहर भी कम हो गया है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ कोरोना की वजह से ना केवल टनों कचरा रोजाना बढ़ता जा रहा है, बल्कि वायरस को फैलाने का काम भी जाने-अनजाने हो रहा है। कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल किए गए मास्क टिशू पेपर, सैनिटाइजर की बोतल, आदि रोजाना एक आम कूड़े वाले को देना किसी भयंकर समस्या को जन्म देने जैसा ही है। पहली स्थिति तो यह कि आपके घर से कूड़ा ले जाने वाला व्यक्ति संक्रमित हो सकता है, दूसरा यह कूड़ा जहां भी ले जाया जा रहा है वहां भी लोग संक्रमित हो सकते हैं।

ऐसे में जरूरी यह है कि कोरोना से संक्रमित व्यक्ति खुद जिन भी चीजों का इस्तेमाल कर रहा है, उन वेस्ट चीजों को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज करने का विकल्प खोजना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह वायरस ना केवल हमारे बीच तेजी से फैलेगा, बल्कि लंबे समय तक हमारे बीच ही बना रहेगा। इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह बीमार करने वाले वेस्ट को सही तरह ठिकाने लगाया जा सकता है ताकि इससे कूड़ा उठाने वाले व्यक्ति को नुकसान भी ना हो और यह वायरस अधिक ना फैले।

(फोटो साभार: istock by getty images)

​नीडल, इंजेक्शन, कॉटन आदि से फैल सकता है इंफेक्‍शन

बीमार करने वाला वेस्ट वह कचरा होता है, जिसमें वायरस, बैक्टीरिया, फंगस की एक अच्छी मात्रा मौजूद होती है, जो किसी भी व्यक्ति को संक्रमित कर सकती है। इस वेस्ट में ऐसी चीजें शामिल हैं जिनका उपयोग कोरोना से उपचार और टेस्ट के लिए किया जा रहा है, जैसे नीडल, इंजेक्शन, कॉटन, सैनिटाइजर की बोतल, मास्क, टिशू, कोरोना टेस्ट किट, थर्मामीटर, यूरिन बैग और अन्य मेडिकल उत्पाद।

कोरोना के मरीज के द्वारा इस्तेमाल की गई सभी अन्य चीजें लोगों को संक्रमित कर सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि इस तरह के वेस्ट को निपटाने का एक सुरक्षित तरीका अपनाया जाए।

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​घरेलू कचरे के साथ कोविड का कचरा मिलाना खतरनाक

कोरोना वायरस एक ऐसी गंभीर महामारी है जिससे कोई भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च बताती है कि कोरोना का एक मरीज दिनभर में जिन चीजों का उपयोग करता है उसकी वजह से लगभग 3.40 किलोग्राम तक कूड़ा एकत्रित हो जाता है। इसी के चलते वेस्ट मटेरियल इंडस्ट्री के लिए भी इस कूड़े को ठिकाने लगाने का सिर दर्द बढ़ गया है।

ऐसे में अगर इस वेस्ट को लाने ले जाने में किसी भी तरह की चूक हुई तो यह वायरस बहुत से लोगों को अपनी गिरफ्त में ले लेगा। ज्ञात हो कि कोरोना वायरस प्लास्टिक, मेटल और शीशे पर 9 दिन तक रहता है। वहीं, 12 दिन तक यह सीरम सैंपल पर रह सकता है। इसके अलावा इंसान के मल में 17 से 31 दिन और 13 से 29 दिन तक रेस्पिरेटरी सीक्रेशन पर रहता है।

ऐसे में जहां कोरोना के ज्यादातर मामले घरों में ही ठीक हो रहे हैं और संक्रमित व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल की गई चीजें सीधा घरेलू कचरे के साथ ही मिलाई जा रही हैं, तो यकीनन यह एक चिंता का विषय है। इस वेस्ट को घरेलू कचरे से अलग रख कर ही संक्रमण और वायरस को फैलने से रोका जा सकता है।

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​कचरे को छूते वक्त बरतें ये सावधानी

  1. अगर आपके घर में कोई कोरोना संक्रमित है या कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो ऐसे में उसके द्वारा इस्तेमाल की गई चीजों को छूते वक्त सावधानी बरतें।
  2. केविड मरीज के द्वारा इस्तेमाल की गई चीजों का कूड़ा तुरंत उठा लें। इसे खुली हवा में बिल्कुल ना रहने दें।
  3. मेडिकल वेस्ट के लिए एक अलग कंटेनर बना कर रखें। इसे घरेलू कचरे से मिक्स करने की गलती ना करें।
  4. वेस्ट कंटेनर ऐसा हो जिसका मुंह बंद ही रहे यानी ढक्कन के साथ ही वेस्ट कंटेनर बनाए।
  5. कोविड के मरीज के कचरे की थैली जैसी ही 70 प्रतिशत तक भर जाए। उसे सील कर दें। ताकि इसके फैलने का डर ना रहे।
  6. कचरे की थैली को पैक करने के बाद अच्छी तरह साबुन या हैंडवाश से हाथ धोएं।
  7. कोविड के कचरे की थैली को घरेलू कचरे से अलग बनाए रखने के लिए कोविड के कचरे की थैली का रंग पीला रखें। ताकि आप गलती से इस कचरे को कचरे वाले को ना दे दें।
  8. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के मुताबिक, कोविड मरीज के द्वारा इस्तेमाल की गई खाद्य सामग्री के पैकेज या थैली और टेट्रा पैक को पीली थैली में ना रखें।
  9. अगर MCD द्वारा निर्देश या नियम हैं जो कहते हों कि कोविड के मरीजों के कचरे को पीली थैली में ही रखें तो आप इन दिशा निर्देशों का पालन करें।
  10. कोविड के मरीज के बनाए गए कंटेनर जानवरों और पक्षियों के संपर्क में ना आए, इस बात का खास ध्यान रखें।

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​वेस्ट मैनेजमेंट कंपनियों के लिए दिशा-निर्देश

  1. कचरा उठाने वाली कंपनियों के कर्मचारियों को एक अच्छी ट्रेनिंग देनी होगी ताकि वह कोविड की वजह से हो रहे वेस्ट को सावधानी से कलेक्ट करें।
  2. कोविड के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कचरे की गाड़ी दूसरे घरेलू कचरे से अलग होनी चाहिए।
  3. कोरोना मरीजों का कचरा उठाने के लिए कंपनी अपने कर्मचारियों को कुछ स्पेशल चीजें मुहैया कराए, जैसे मल्टी लेयर मास्क, सेफ्टी गॉगल्स, हैवी ड्यूटी गल्वस और एक स्पलैश प्रूफ ड्रेस आदि। ताकि कचरा उठाते समय वह खुद संक्रमित ना हो जाएं।।
  4. ऐसे कर्मचारी जो घरेलू कचरा उठा रहे हैं वह भी कचरे को सोडियम हाइपोक्लोराइट के सल्यूशन के जरिए सेनेटाइज करें।
  5. कर्मचारियों को ऐसे घरों को सैनिटाइज भी करना होगा जहां लोग कोरोना से संक्रमित हैं।

निष्कर्ष

हाल ही में हुई एक रिसर्च बताती है कि कोविड 19 हमारे साथ लगभग 2025 तक मौजूद होगा। ऐसे में मेडिकल वेस्ट को सुरक्षित तरह से निपटाना बेहद जरूरी है। क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में कोरोना के कारण स्थिति बहुत गंभीर हो जाएगी।


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