joe biden seeks report on coronavirus origin in 90 days, asks intelligence officials to ‘redouble’ efforts, china in tension | Coronavirus Origin को लेकर अमेरिका का अल्टीमेटम, China की बढ़ी टेंशन; जानें क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) कहां से आया, कैसे आया, क्या कोरोना की उत्पत्ति चीन (China) से ही हुई? क्या कोरोना के फैलने के पीछे की वजह चीन की गलती या उसकी साजिश है? इन सवालों के जवाब जहां दुनियाभर के वैज्ञानिक फिर से ढूंढ रहे हैं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन भी कोरोना की सच्चाई जानने के लिए बेचैन हैं. इसलिए अब उन्होंने अपनी एजेंसियों को 90 दिन वाला खास अल्टीमेटम दे दिया है, जो चीन के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है. 

राष्ट्रपति ने संभाली कमान

अमेरिका से आई ये बड़ी खबर चीन के होश उड़ाने के लिए काफी है क्योंकि इस बार कोरोना का एक-एक सच जानने के लिए खुद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने जांच की कमान अपने हाथों में ले ली है. इस एक फैसले से चीन और अमेरिका के बीच में टकराव चरम पर पहुंच सकता है.

इस थ्योरी की वैश्विक चर्चा

महामारी घोषित हुए इस कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर अब तक पूरी दुनिया में किन दो थ्योरी पर चर्चा सबसे ज्यादा रही है. पहली थ्योरी ये कि क्या ये वायरस किसी जानवर से इंसानों तक पहुंचा या दूसरी थ्योरी ये है कि ये चीन की वुहान लैब से निकला. दुनियाभर के जानकारों को इस दूसरी थ्योरी पर शक ज्यादा है.

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वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट

अमेरिका की जांच एजेंसियां भी इस थ्योरी को ध्यान में रखते हुए सबूत जुटाने में लगी हुई हैं. पिछले हफ्ते इसी थ्योरी पर वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपी एक रिपोर्ट से भी बड़ा खुलासा हुआ था. जिसमें में कहा गया था कि नवंबर 2019 में वुहान लैब के 3 वैज्ञानिक कोरोना के लक्षण जैसी बीमारी से जूझ रहे थे.

चीन पर कोरोना को छुपाने का आरोप

जबकि इस वक्त तक चीन ने दुनिया को कोरोना महामारी के बारे में नहीं बताया था. चीन में दुनिया का पहला घोषित कोरोना केस दिसंबर 2019 में आया था. कहा जा रहा है कि ऐसी कई रिपोर्ट सामने आने के बाद अमेरिका कोरोना के मामले में तह तक जाना चाहता है, इसलिए 
चीन की कोरोना लैब अब अमेरिका के निशाने पर है.

90 दिन में उठेगा चीन के राज से पर्दा

इसीलिए अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जांच एजेंसियों को 90 दिन में कोरोना की सच्चाई पता लगाने का आदेश दिया है. ये मालूम करने को कहा है कि क्या ये वायरस वाकई वुहान लैब से ही निकला?

WUHAN LAB

(फोटो साभार: रॉयटर्स)

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इस फैसले की एक बड़ी वजह ये भी है कि खुद बाइडेन ने मार्च के महीने में कोरोना की उत्पत्ति को लेकर जांच एजेंसियों को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा था. ये रिपोर्ट उन्हें इसी मई के महीने में मिल चुकी है. जिसे देखने के बाद ही उन्होंने 90 दिन वाली जांच का आदेश दिया है.

चीन ने किया बाइडेन पर पलटवार

अमेरिकी जांच की खबरें सामने आने के बाद व्हाइट हाउस प्रशासन के फैसले यानी कोरोना की उत्पत्ति की दोबारा जांच कराने की मांग को राजनीति करने का एक टूल बताते हुए पलटवार किया है. बीजिंग की ओर से कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी चुनौतियों से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए ये आदेश जारी किया है.

ट्रंप से लेकर बाइडेन तक चीन पर अमेरिका की निगाहें टेढ़ीं रही हैं और अगर इस बात का खुलासा हो गया कि कोरोना वायरस चीन की वुहान लैब से ही निकला, और इसमें चीन की साजिश है तो यकीन मानिए इसके बाद चीन से अमेरिका की दुश्मनी और बढ़ जाएगी. दोनों सुपरपावर का वो तनाव युद्ध स्तर तक पहुंचने के कयास लगाए जा रहे हैं. 

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