Chhattisgarh News In Hindi : Tarribharada News – chhattisgarh news it is only with the rise of virtue that one gets the privilege of listening to the bhagavata story niranjan | पुण्य का उदय हाेने से ही भागवत कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है: निरंजन


ग्राम कन्हारपुरी में चल रही भागवत कथा में संत निरंजन महाराज ने सागर मंथन, देवासुर संग्राम, वामन अवतार, राजाबली प्रसंग के दौरान बताया कि दान करने वाला सदैव बड़ा होता है और लेने वाला छोटा। दान की महत्ता इसी से परिभाषित होती है। हमारे समाज में दान की परंपरा इसी कारण प्रभावी है।

जब जीव के जन्म जन्मांतर के पुण्य का उदय होता है तब जाकर इस धरती पर भागवत कथा श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। भक्त प्रह्लाद व सागर मंथन की कथा में बताया कि जब भक्त प्रहलाद से नृसिंह भगवान ने वरदान मांगने को कहा तो प्रहलाद ने कहा कि मैं व्यापारी नहीं अपितु आपका भक्त हूं, आप मेरी मांगने की कामना को ही समाप्त कर दें।

पंडित ने कहा मानव का जीवन प्रभु प्रदत्त एक व्यवस्था है निर्माण जीव का कर्तव्य। सागर के मंथन से सर्वप्रथम जहर की उत्पत्ति हुई है। महाराज ने कहा उस समय तो समुद्र के मंथन करने के बाद जहर निकला लेकिन आज तो गांव-गांव गली-गली में मदिरा रूपी जहर पांव पसार लिया है। आगे संत ने कहा मानव जीवन का आभूषण है विनम्रता। चाणक्य ने तो कहा है विनयावनत होकर जीवन जीने वाला ही जीवन मे सर्वोधा शिखर को प्राप्त करता है।

व्यक्ति के ज्ञानी होने का पता उसके विनम्रता से प्रगट हो जाता है। वामन अवतार की कथा से यही भाव प्राप्त होता है कि तीन लोक चौदह भुवन के स्वामी त्रैलोक्यधिपति परमात्मा भी जब राजा बलि पर विजय प्राप्त करने के लिए गए तो वो भी छोटे से वामन रूप में गए। लघु बनकर ही जीवन मे विजय को प्राप्त किया जा सकता है।

तार्रीभरदा. कन्हारपुरी में प्रवचन सुनने के लिए उपस्थित लाेग।


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