- अपने भाई से ही नहीं जुड़ पाए दिग्विजय सिंह
- मध्यप्रदेश कांग्रेस में चरम पर गुटबाजी

राहुल गांधी की भारत जोड़ों यात्रा के लिए निकले हैं। दिग्विजय सिंह को यात्रा का समन्वयक बनाया गया है। लेकिन वही दिग्गी कांग्रेस का सिरदर्द बन गए हैं। याद कीजिए वह दृश्य जब दिग्विजय सिंह कांग्रेस अध्यक्ष का नामांकन लेने दिल्ली पहुंच गए थे। अध्यक्ष बनना तो दूर गांधी परिवार की डांट खाकर उल्टे पैर लौट आए थे। इस घटना के बाद दिग्गी ने अचानक सुर बदलकर कहा था कि वे अब सोनिया-राहुल के समर्थित मल्लिकार्जुन खड़गे का समर्थन करेंगे। दिग्गी तो दिग्गी हैं। और जहां मिस्टर बंटाढ़ार की एंट्री हो जाए तो उसका तो भगवान ही मालिक होता है। पिछले दिनों खड़गे जब सर्मथन लेने भोपाल आए तो दिग्विजय उनके आस-पास भी नहीं दिखे। लेकिन आज का दृश्य दिग्गी की पोल खोलने के लिए काफी है। आज जब कांग्रेस अध्यक्ष के लिए दो-दो हाथ कर रहे अन्य प्रत्याशी शशि थरूर भोपाल आए तो उनके साथ दिग्गी के भाई लक्ष्मण सिंह ने कुर्सी साझा की। दिग्गी की बहू यानि की लक्ष्मण सिंह की पत्नी रूबीना शर्मा सिंह ने ट्वीट कर खलबली मचा दी कि लक्ष्मण सिंह, शशि थरूर का समर्थन करेंगे।
अब यह देखना रोचक होगा कि दिग्विजय सिंह क्या गांधी परिवार से अपनी मल्लिकार्जुन के प्रति वफादारी निभा पाएंगे। लेकिन अभी तो यही लगता है कि कहीं खुद अध्यक्ष न बन पाने की टीस के चलते शशि थरूर को तो समर्थन नहीं दे बैठेंगे।

