मुंबई, ब्यूरो। जनता अपने जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाती है, तब जाकर जनता की सुनी जाती है। अगर कहीं किसी जनप्रतिनिधि की न सुनी जाये तो क्या किया जाये? जी हां, एक ऐसा ही मामला महाराष्ट्र में सामने आया है। यहां एक महिला अपने 5 महीने के बच्चे के साथ विधानसभा पहुंची और सबके सामने रो पड़ी और वे सदन की कार्यवाही छोड़कर चली गईं।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष मांग रखी कि विधानसभा में बच्चों के लिए चाइल्ड केयर रूम होना चाहिए, लेकिन यहां नहीं है। नासिक के देवलाली विधान सभा की विधायक सरोज आहिरे ने रोते हुए अपनी पीड़ा मीडिया को सुनाई। उन्होंने बताया कि उनका 5 महीने का बच्चा है, जिसके लिए चाइल्डकैअर रूम होना चाहिए, जिसके तहत वह अपने बच्चे को वहाँ रख सके और विधान सभा में उपस्थित होकर भाग ले सकें, लेकिन विधान सभा में चाइल्डकेयर रूम नहीं बनाया गया है, जिससे वह नाराज़ हैं और आज की सदन की कार्यवाही छोड़कर गईं। उन्होंने कहा कि मैं अपने बच्चे को गंदे रूम में नहीं रख सकती। यहां चाइल्डकेयर रूम में बनाना ही चाहिए।

विधायक ने इसके पहले भी विधान सभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांग की थी कि चाइल्डकेयर रूम बनाया जाये, फिर भी नहीं बनाया गया। विधायक ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि कल तक चाइल्डकैअर रूम नहीं बना तो मैं बजट सत्र के कामकाज से दूर रहूंगी।



