भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय इन दिनों मध्य प्रदेश की सक्रिय राजनीति से दूर दिख रहे हैं। पश्चिम बंगाल में प्रभारी रहते हुए भाजपा को विधानसभा में मिली हार के बाद साल 2022 में उनसे प्रभार वापस ले लिया गया था। उसके बाद से लगातार चर्चा हो रही थी कि कैलाश को मध्य प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, लेकिन पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश सहित पांचों राज्यों के पॉलिटिकल फीडबैक विंग की कमान सौंपी गई है। वे मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव संबंधी फीडबैक देने तक सीमित कर दिये गए हैं। बताया जा रहा है कि यह विंग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की निगरानी में काम करेगी। इससे साफ हो गया है कि अब वे प्रदेश में किसी भी बड़े पद में नहीं दिखेंगे। बंगाल में भले कैलाश के प्रभारी रहते हुए भाजपा चुनाव नहीं जीत पाई, लेकिन सीटों में अच्छी-खासी बढ़त मिली थी। आपको बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय 7 साल से लगातार राष्ट्रीय महासचिव हैं। अब शायद ही उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाए? ऐसा इसलिए क्योंकि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ज्यादा सक्रिय दिख रहे हैं। मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जनआशीर्वाद यात्रा निकाली जानी है। इसमें भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को प्रमुख स्थान मिलने का अनुमान है। उन्हें जनआशीर्वाद यात्रा की कमान सौंपी जा सकती हैं, यात्रा का प्रभारी बनाया जा सकता है।