कमल नाथ ने फोन करके गोविंद गोयल से मांगे पैसे! देखिए अपराधियों ने कैसे दिया अंजाम

भोपाल। अपराधियों के हौसले कुछ इस कदर बुलंद हैं कि वे बड़े-बड़े नेताओं के फोन को भी हैक करने की साजिश रचने लगे हैं। एक ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आया है, जहां पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ के साथ जालसाजी करने की कोशिश की गई है। कमल नाथ का नाम दिखाकर  फेक फोन कॉल से कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता से पैसे मांगने की कोशिश की गई, लेकिन यह जालसाजी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। आरोपियों को क्राइम ब्रांच पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

Govind goyal spoof call kamalnath


पुलिस के अनुसार दो लोगों ने पूर्व सीएम कमल नाथ का मोबाइल फोन हैक करके कांग्रेस के ही नेताओं से लाखों रुपए की मांग की। कांग्रेस के उपाध्यक्ष गोविंद गोयल, कोषाध्यक्ष अशोक सिंह और विधायक सतीश सिकरवार के साथ और पदाधिकारियों से भी पैसों की मांग की गई। इस मामले के आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं। फर्जीवाड़े की भनक लगते ही दोनो आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। दोनो आरोपी गुजरात के निवासी बताए जा रहे हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष गोविंद गोयल ने मीडिया को बताया कि उनके फोन में अननोन नंबर से कॉल आ रहा था, जिसमें कमल नाथ लिखा हुआ दिखाई दे रहा था। कॉल करने वाले ने गोविंद गोयल से कुछ रुपयों की मांग की और कहा कि कमल नाथ जी ने यह पैसे मंगाए हैं। इसके बाद गोविंद गोयल ने कहा कि वे पैसे देने को तैयार हैं, किसी को ऑफिस भेज दें। इसके बाद दो लोग गोविंद गोयल के ऑफिस पहुंच गए और पैसे की मांग करने लगे। गोयल ने मौका देखते ही पुलिस को बुला लिया और मैं गिरफ्तार करवा दिया। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस मामले पर कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। भोपाल क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र चौहान ने बताया कि पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।

Adl. DCP shailendra singh chauhan crime. Branch bhopal

क्या है स्पूफ कॉल

आपको बता दें कि इंटरनेट के जमाने में कई मोबाइल ऐप के माध्यम से भी कॉल की जा सकती है। आमतौर पर (Spoof calls) या Fake कॉल का इस्तेमाल लोगों से मजाक किया जाता है। स्पूफ कॉलिंग इंटरनेट के जरिए की जाती है। इसमें आपका वास्तविक नंबर नहीं होता। इसमें मनचाहे  नंबर को चुनने और कॉलर आईडी सेट करने का ऑप्शन मिलता है। अधिकतर लोग अप्रैल फूल बनाने के लिए भी Spoof कॉलिंग करते हैं। लेकिन अब इसका गलत इस्तेमाल अपराध करने के लिए हो रहा है। हालांकि यह गैरकानूनी भी है। Spoof Call वाले एप के जरिए किसी को भी गुमराह किया जा सकता है।  आप किसी भी Spoof Call एप के जरिए प्रधानमंत्री के नाम से भी कॉल कर सकते हैं। Spoof Call वाले एप से जब आप किसी को कॉल करेंगे तो आपके द्वारा की गई सेटिंग के आधार पर जिसे आप कॉल करेंगे, उसके फोन में प्रधानमंत्री कार्यालय कॉलर आईडी दिखेगा। ऐसे में जिसे आपने कॉल किया है उसे लगेगा कि सच में पीएम ऑफिस से फोन आया है। लेकिन सच्चाई यह है कि उसे एक फर्जी नंबर और कॉल के जरिए गुमराह किया जा रहा है।

ऐसे किया जाता है स्पूफ कॉल

गूगल प्ले-स्टोर पर Spoof Call वाले एप्स की भरमार है। इन एप्स के साथ प्राइवेसी का भी बहुत खतरा रहता है। यदि आपके खिलाफ शिकायत की जाती है तो आपके खिलाफ साइबर अपराध के तहत एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। इसके गलत इस्तेमाल पर रोक है लेकिन इन एप्स को भारत में प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

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