न होगी उम्र की सीमा, भाजपा के लिए सिर्फ जीत ही पैमाना

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के चुनाव लड़ने की आस लगाए बुजुर्ग नेताओं की बांछें खिल गई हैं। 39 सीटों पर टिकट वितरण का समीकरण देखकर उम्रदराज नेताओं में जवानी सा जोश दिखाई दे रहा है। टिकट न मिलने का खतरा अब टल गया है। गोपाल भार्गव, सीताशरण शर्मा, गौरीशंकर बिसेन, अजय विश्नोई जैसे दर्जनभर से ज्यादा नेताओं को एक बार फिर टिकट मिलने की उम्मीद जाग गई है। आपको बता दें कि बीते दिनों भाजपा ने मध्य प्रदेश की 230 में से 39 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिये हैं। पार्टी ने 75 साल के जगन्नाथ सिंह रघुवंशी काे चंदेरी से प्रत्याशी घाेषित किया है। इस सूची के बाद वर्तमान विधायक अजय विश्नोई, गोपाल भार्गव, नागेंद्र सिंह नागौद, महेंद्र सिंह हार्डिया जैसे नेताओं को भी मौका मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। गौरतलब है कि सागर जिले की रहली विधानसभा सीट से मंत्री गाेपाल भार्गव भी 9वीं बार चुनाव मैदान में नजर आ सकते हैं। भार्गव अभी 71 साल के हैं। वे लगातार 8 चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में उनके लिए अब उम्र आड़े नहीं आएगी, वर्तमान परिस्थितियों को देखकर ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं।

गौरीशंकर बिसेन 70 वर्ष, सीताशरण शर्मा 72 वर्ष, केदारनाथ शुक्ला 69, अजय विश्नोई 70 वर्ष, नागेंद्र सिंह 70 साल, नागेंद्र सिंह गुढ़ 79 वर्ष, पारस जैन 73 साल, जयंत मलैया 76, शरद जैन 70, हरेंद्र सिंह जीत बब्बू 70 जैसे कई नेता हैं जो 70 की सीमा पार गए हैं। वहीं, कई नेता 70 की बॉर्डर तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. गिरीश गौतम 70 साल के हैं, नौ मंत्री हैं, जिनकी आयु 65 पार हो गई है। अधिक उम्र वाले मंत्रियों में तुलसी सिलावट, ओमप्रकाश सकलेचा, प्रभुराम चौधरी प्रेम सिंह पटेल, रामखेलावन पटेल, गोपाल भार्गव, यशोधरा राजे, जगदीश देवड़ा और बिसाहूलाल सिंह शामिल हैं।

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