Nithari Kand : लड़कियों को कोठी में बुलाते, बलात्कार करते, हत्या के बाद शव को पकाकर खाते थे

Nithari Kand
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19 लड़कियों की हत्या कर खा गए थे आरोपी, ऐसे आरोपी हो गए बरी

प्रयागराज। वर्ष 2006 का निठारी कांड (Nithari Kand) तो आपको याद ही होगा। नहीं याद है तो हम आपको बता दें कि नोएडा में दो वहशी दरिदें 19 लड़कियों से बलात्कार करके उनकी हत्या करने के बाद शव को खा गए थे। यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को दोषमुक्त कर दिया है। साथ ही नोएडा की D-5 कोठी में जो वारदात हुई थी उसके मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर को भी कोर्ट ने बरी कर दिया। आपको बता दें कि दोनों को निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन अब हाई कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को 12 मामलों से बरी किया है। मोनिंदर सिंह पंढेर को जिन दो मामलों में फांसी की सजा मिली थी, उसे भी हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया है। दोनों आरोपियों ने CBI कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। जहां से उन्हें राहत मिली है। आरोप है कि वह सुरेद्र कोली D-5 कोठी से गुजरने वाले बच्चों को पकड़ कर उनके साथ कुकर्म करता था फिर उनकी हत्या कर देता था। हालांकि, निठारी गांव के लोगों का कहना है कि पंढेर की कोठी से शरीर के अंगों का व्यापार भी होता था। लोगों का कहना है कि आरोपी बच्चों को मारकर उनके अंग निकाल लेते थे और उसे तस्करों को बेचते थे। बाद में कोली और मोनिंदर को फांसी की सजा सुनाई गई थी। हालांकि अन्य बचे हुए मामलों में केस जारी रहेगा। आपको बता दें कि निठारी कांड में CBI ने 16 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से सुरेंद्र कोली को 14 मामलों में फांसी की सजा मिल चुकी है, जबकि, मनिंदर सिंह पंढेर के खिलाफ 6 मामले दर्ज थे। इनमें से 3 मामलों में फांसी की सजा हुई थी। दो मामलों में वह पहले ही बरी हो गया था। अब हाई कोर्ट ने कोली को 12 मामलों में बरी किया है, वहीं पंढेर को 2 मामलों में बरी किया गया है। हाई कोर्ट ने सीधे तौर पर कोई सबूत और गवाह न होने के आधार इन दोनों को बरी किया है।

बात वर्ष 2006 की है, जब उत्तर प्रदेश के नोएडा के निठारी गांव स्थित कोठी नंबर D-5 के बगल वाले नाले से नरकंकाल मिले थे। नालों से कई नर कंकाल मिले थे। ये कोठी मोनिंदर सिंह पंढेर की थी। उसके साथ सुरेंद्र कोली नाम का नौकर रहता था। कोली पर आरोप है कि वह कोठी में लड़कियों को लाता था, उनसे रेप करता फिर हत्या कर लाश के टुकड़े बाहर फेंक आता था। निठारी गांव की दर्जनों लड़कियों गायब होने के बाद मामले का खुलासा हुआ था।

Missing Childern in Nithari Kand

7 मई 2006 को पायल नाम की लड़की लापता हो गई थी। वह पंढेर की कोठी में रिक्शे से आई थी। उसने रिक्शेवाले को कोठी के बाहर रोका और वापस आकर पैसे देने की बात कही थी। काफी देर बाद जब वह वापस नहीं लौटी तो रिक्शेवाला पैसे लेने के लिए कोठी का गेट खटखटाया था। तब उसे सुरेंद्र कोली ने बताया कि पायल काफी देर पहले जा चुकी है। सुरेंद्र की बात सुन रिक्शेवाले को शक हुआ। उसका कहना था कि वह कोठी के सामने ही था, पायल बाहर नहीं निकली. फिर उसने यह बात पायल के घरवालों तक पहुंचा दी। पायल के पिता नंदलाल ने FIR लिखवाई कि उसकी बेटी कोठी से गायब हो गई है। इससे पहले निठारी से एक दर्जन से ज्यादा बच्चे/लड़कियां गायब हो चुके थे। ऐसे में पुलिस शिद्दत से इस केस की जांच में जुट गई थी। पुलिस को जानकारी मिली कि पायल के पास एक मोबाइल फोन था, जो घटना के बाद से स्विच ऑफ जा रहा था। पुलिस ने उस नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई, तो मुंबई से लेकर तमाम जगहों के नंबर मिले फिर उन नंबरों की जांच की गई, जिसमें अहम सुराग मिले। उसके आधार पर पुलिस ने कोठी पर छापा मारा तो निठारी के ‘नर पिशाच’ का काला सच सबके सामने आ गया। बाद में जब पुलिस ने जब सुरेंद्र और मोनिंदर से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने पायल की रेप के बाद हत्या कर लाश कोठी के बराबर में नाले में फेंकने की बात कबूल ली। दोनों की निशान देही पर दिसंबर 2006 को नोएडा पुलिस ने नाले से बड़ी संख्या में मानव कंकाल बरामद किए थे। मोनिंदर और सुरेंद्र कोठी पर लड़कियों को किसी बहाने से बुलाते थे और रेप के बाद हत्या करके उनकी लाश काटकर नाले में फेंक देते थे। लोगों का यह भी कहना था कि पंढेर की कोठी से मानव अंगों का व्यापार होता था। वे बच्चों को मारकर उनके अंग निकाल लेते थे। जिसे विदेशों में बेंचा जाता था। इतना ही नहीं हत्या के बाद अंगों को पका कर खाने का भी आरोप उनपर लगा था। पुलिस ने मोनिंदर और सुरेंद्र के खिलाफ रेप और हत्या के कुल 19 मामले दर्ज किए। निठारी केस में CBI ने सुरेंद्र कोली को हत्या, अपहरण, रेप और सबूत मिटाने के केस में आरोपी बनाया था। जबकि, मनिंदर को मानव तस्करी का भी आरोपी बनाया गया था। सीबीआई ने 46 गवाहों को पेश करके उनके बयान दर्ज कराए। वहीं, बचाव पक्ष की तरफ से महज 3 गवाह पेश किए गए।

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