वन परिक्षेत्र पवई में पहले चरण की गिद्धों की गणना हुई संपन्न, लगभग 500 से अधिक सात प्रजातियों के गिद्धों की हुई गणना

गिद्ध देश ही नही पूरी दुनिया से खत्म हो रहे है कई प्रजातियाॅ तो 95 फीसदी से अधिक खत्म हो चुकी है इन्हे बचाने के लिये दुनियाॅ भर के देश चिन्तित है फिर भी इनकी संख्या में लगातार गिरावट आ रही है | पवई वन परिक्षेत्र में दक्षिण वन मंडल पन्ना के निर्देशानुसार 16 से 18 फरवरी तक परिक्षेत्र अंतर्गत स्थानो को चिन्हित करके इसकी गणना की गई जिसमे 13 जगह से आये जानकार प्रक्रति प्रेमी दिन रात जंगल में रहकर गणना की इसमें स्थानीय देशी गिद्ध, चमर गिद्ध, सफेद गिद्ध, राज गिद्ध के साथ 3 प्रबासी जैसे हिमालयन, यूरोसियन, व अत्यंत दुर्लभ काला गिद्ध की प्रजातियाॅ मिली है | कुल 7 प्रजातिया के 500 से अधिक गिद्ध मौजूद है | उम्मीद है कि इस वन परिक्षेत्र पवई में सबसे अधिक गिद्ध पाए जाएंगे जो कि अपने आप में रिकॉर्ड होगा।दुनिया से समाप्त हो रहे गिद्धहालांकि देश दुनिया में गिद्ध समाप्त हो रहे हैं और पवई वन परिक्षेत्र में गिद्ध अपने आप में संख्या बढ़ा रहे हैं इसे प्रकृति के संतुलन में सबसे ज्यादा मदद मिल रही है | प्रकृति का नेचर ही ऐसा है कि कई हजार किलोमीटर की दूरी नाप कर गिद्ध यहां अपना रहवास बनाते हैं |वन परिक्षेत्र अधिकारी नीतेश पटेल ने जानकारी देते हुए कहा कि पवई वन परिक्षेत्र गिद्धों के लिए एक अनुकूलित आवासीय क्षेत्र है इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि पक्षियों और गिद्धों के लिए आने वाली गर्मी के समय पानी की व्यवस्था करें साथ ही मवेशियों को किसी प्रकार का कोई जहरीला पदार्थ न दें जिनके मरने के बाद उनको खाने के बाद गिद्धों की मौत हो |

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