दतिया जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में एक 28 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। युवक ने कथित रूप से जहर खा लिया था, जिसके बाद गुरुवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने मारपीट और पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जानकारी के मुताबिक, रतनगढ़ मंदिर के पास परिवार के साथ कटिंग की दुकान चलाने वाले रमेश सेन का बेटा मोहित सेन पिछले तीन दिनों से इंदरगढ़ में था।
गुरुवार शाम करीब 4 बजे वह अकेले इंदरगढ़ अस्पताल पहुंचा, जहां प्राथमिक उपचार के बाद वह वापस चला गया। करीब एक घंटे बाद वह एक महिला और तीन युवकों के साथ दोबारा अस्पताल पहुंचा। इसके बाद उसके साथ आए लोग चले गए। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन परिजन मौके पर नहीं थे, इसलिए उसे दतिया रेफर नहीं किया गया। रात में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इंदरगढ़ थाना प्रभारी गौरव शर्मा ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को फोन पर दी।
सूचना मिलने के बाद मृतक के पिता रमेश सेन रात करीब 12 बजे अस्पताल पहुंचे। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसने जहर खाकर आत्महत्या की। उनका कहना है कि जब वे शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान आरक्षक रामनिवास गुर्जर ने उनके साथ गाली-गलौज कर थाने से भगा दिया। बाद में सेवढ़ा एसडीओपी अजय चानना से शिकायत के बाद मामला दर्ज किया गया।
परिजनों ने थाना प्रभारी को एसपी के नाम आवेदन सौंपकर प्रधान आरक्षक पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और समय पर मर्ग कायम न करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का दावा है कि जब वे दोबारा थाने पहुंचे, तो प्रधान आरक्षक ने उन्हें धमकाया और कहा कि जहां शिकायत करनी है, कर दो।
इस दौरान मीडिया के सामने कथित धमकी का वीडियो भी सामने आया है। वहीं पूरे मामले में सेवढ़ा एसडीओपी अजय चानना ने बताया कि मृतक के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बाइट-1- रमेश सेन, मृतक का पिता इंदरगढ़


