इंदौर के बाद अब महू क्षेत्र में भी संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। महू कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में पीलिया और टाइफाइड के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। दो नए मरीज सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल पांच बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों द्वारा की गई जांच में बच्चों के ब्लड सैंपल से हेपेटाइटिस-A और हेपेटाइटिस-E की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों का कहना है कि ये बीमारियां आमतौर पर दूषित पेयजल और खराब स्वच्छता के कारण फैलती हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, संक्रमित मरीजों में तेज बुखार, उल्टी, पेट दर्द, कमजोरी और आंखों में पीलापन जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों का लगातार उपचार किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।वहीं दूसरी ओर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा की गई जांच में पेयजल को साफ बताया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई इलाकों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बढ़ रही है।
प्रशासन ने पानी की दोबारा जांच कराने और प्रभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में सर्वे कर रही हैं और लोगों को उबला हुआ पानी पीने, साफ-सफाई बनाए रखने और लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी जा रही है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए निगरानी और उपचार व्यवस्था और मजबूत करने का भरोसा दिलाया है।