aishwarya rai bachchan home quarantine: Corona Positive Aishwarya Rai: बंगले में क्वारंटाइन हुईं ऐश्वर्या, जानें कोरोना संक्रमित होने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं – aishwarya rai bachchan and her daughter aaradhya are corona positive and home quarantine know does and don’ts during quarantine period in hindi

Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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कोरोना संक्रमण एक के बाद एक लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। हैरानी की बात यह है कि हर तरह से सावधानी बरतनेवाले अमिताभ बच्चन भी इस संक्रमण की जद में आने से नहीं बच पाए। इसके बाद अभिषेक, ऐश्वर्या और आराध्या का कोरोना टेस्ट भी पॉजिटिव आ गया…यानी बच्चन परिवार में जया बच्चन को छोड़कर फिलहाल सभी सदस्य कोरोना से संक्रमित हैं। अमिताभ बच्चन और अभिषेक हॉस्पिटल में भर्ती हैं तो वहीं ऐश्वर्या और आराध्या को होम क्वारंटाइन किया गया है। आइए, जानते हैं क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स, होम क्वारंटाइन के दौरान किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए और क्या करना चाहिए क्या नहीं…

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) की अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना कई तरह से लोगों को सक्रमित कर रहा है। कुछ लोगों में इस संक्रमण के लक्षण दिखाई दे जाते हैं तो कुछ लोगों में बिल्कुल नहीं दिखाई देते। कुछ लोग गंभीर रूप से संक्रमित हो जाते हैं तो कुछ माइल्ड सिंप्टम्स का शिकार होकर ही ठीक हो जाते हैं। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद किस व्यक्ति में किस तरह के लक्षण दिखाई देंगे, यह उसकी अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी के साथ ही इस बात पर भी निर्भर करता है कि कोरोना ने उसे अभी किस हद तक अपनी चपेट में ले पाया है।

पिछले दिनों आयुष मंत्रालय, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और एफडीए जैसी संस्थाओं की तरफ से अलग-अलग समय पर कोरोना से बचाव और कोरोना संक्रमण होने पर अपना ध्यान कैसे रखें, इसे लेकर गाइडलाइन्स जारी की गई हैं। यहां जानें कि अगर आपको डॉक्टर्स की तरफ से होम क्वारंटाइन किया गया है तो इस दौरान आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना है…

-क्वारंटाइन को दौरान आपको अपने घर के किसी एक कमरे में ही रहना है। इस कमरे को आप परिवार के किसी और सदस्य के साथ साझा नहीं करेंगे। यदि आपके घर में इस तरह की व्यवस्था हो पाना संभव नहीं हो तो आप उस हॉस्पिटल में, जहां आपने चेकअप कराया या जहां पेशंट्स को क्वारंटाइन किया जा रहा है, वहां अपनी समस्या के बारे में जानकारी देखकर एडमिट हो सकते हैं।

-होम क्वारंटाइ के बीच समय-समय पर आपके शरीर का तापमान चेक किया जाएगा और आपको दवाइयां खाने के लिए दी जाएंगी। यह काम आपके परिवार का कोई जिम्मेदार व्यक्ति कर सकता है। यदि आपके परिवार में ऐसा होना संभव ना हो तो आप हॉस्पिटल में इस बात की जानकारी दें। इस स्थिति में हॉस्पिटल की तरफ से आपको नर्सिंग स्टॉफ की सुविधा दी जा सकती है।

-होम क्वारंटाइन के दौरान जब आपको फीवर आना बंद हो जाए और संक्रमण के लक्षण पूरी तरह खत्म हो जाएं, तब भी आपको करीब दो सप्ताह तक अपने परिवार के क्लोज कनेक्शन में आने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ताजा शोध के मुताबिक कोरोना शरीर में 14 नहीं बल्कि 28 दिन तक रहता है।

-इस स्थिति में भले ही आपके शरीर में कोरोना के लक्षण आने बंद हो जाएं, आपको बुखार और दूसरी समस्याओं का सामना भी ना करना पड़े लेकिन इस स्थिति में भी माइल्ड रूप से कोरोना आपके शरीर में उपस्थित हो सकता है, जो अन्य स्वस्थ लोगों में संक्रमण की वजह बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि होम क्वारंटाइन के दौरान आप स्वस्थ होने के बाद भी डॉक्टर से अनुमति लेकर ही अपने परिवार के संपर्क में आएं।

-होम क्वारंटाइन होने के दौरान शरीर को पूरा आराम दें। डायट का ध्यान रखें और डॉक्टर से परामर्श के बाद अपने कमरे में ही योग और एक्सर्साइज कर सकते हैं। गुनगुने पानी का सेवन करना आपको अधिक लाभ देगा। साथ ही ठंडी और फ्रिज में रखी हुई चीजों को खाने से बचें।


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