Are Russia running campaign against Donald Trump to influence US voters? | क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ अभियान चला रहा है रूस?

वॉशिंगटन: अमेरिका (America) में राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिए क्या रूस (Russia) कोई गहरी साजिश रच रहा है? यह सवाल खड़ा हुआ है उस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जिसमें दावा किया गया है कि रूस कोरोना वायरस (CoronaVirus) को लेकर अमेरिका के बारे में गलत जानकारी फैला रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की रिपोर्ट में खुफिया सूचनाओं के आधार पर बताया गया है कि रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी कोरोना को लेकर गलत जानकारी प्रसारित कर रही है, ताकि अमेरिकी वोटरों की नजर में वायरस के लिए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को दोषी ठहराया जा सके.  

रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी एजेंसियों द्वारा कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस अमेरिकी सेना की देन है और इससे निपटने में रूस अमेरिका की मदद कर सकता है. कथित तौर पर 2016 में भी रूस ने इसी तरह गलत जानकारी फैलाने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट और इंटरनेट के अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया था.  

खुफिया विभाग ने किया अलर्ट
पिछले हफ्ते, अमेरिकी खुफिया विभाग की तरफ से कहा गया था कि रूस, चीन और ईरान राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने की साजिश रच सकते हैं. हालांकि, इस संबंध में ज्यादा जानकारी प्रदान नहीं की गई, लेकिन इतना जरूर कहा गया कि जल्द ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी. हाल ही में फेसबुक ने रूस की समाचार एजेंसियों खासकर RT स्पुतनिक से आने वालीं खबरों पर लेबल लगाना शुरू किया है.

इन वेबसाइट पर सबसे ज्यादा खबरें
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और कोरोना वायरस को लेकर सबसे ज्यादा गलत खबरें रूसी सरकार के नियंत्रण वाली साइट InfoRos में प्रकाशित हुईं. इसी तरह यूएस के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने में वेबपोर्टल OneWorld.Press भी पीछे नहीं है. इसका संबंध GRU से है, जिसे रूस की CIA कहा जाता है. ये साइट महामारी के अलावा, अलग-अलग तरह से अमेरिका को प्रभावित करने वालीं खबरें चला रही हैं.

भ्रामक जानकारी वाले 150 लेख
न्यूयॉर्क टाइम्स ने पाया कि मई से जून के बीच InfoRos, OneWorld, और Tass जैसी वेबसाइटों पर भ्रामक जानकारी वाले 150 लेख प्रकाशित किए गए. इनमें से एक में दावा किया गया कि सोची-समझी साजिश के तहत कोरोना उत्पन्न किया गया, जबकि दूसरे में कहा गया कि अमेरिका अपना दृष्टिकोण दुनिया पर थोपने के लिए महामारी का इस्तेमाल कर रहा है. इतना ही नहीं, जब बीजिंग की तरफ से कहा गया कि COVID-19 अमेरिका का एक जैविक हथियार है, तो इन वेबसाइटों ने उस खबर को भी प्रमुखता से चलाया.




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