टी20 क्रिकेट इतिहास में 17 साल बाद ऐसा मौका आया है, जब ऑस्ट्रेलियाई टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। यह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में दूसरी बार है, जब ऑस्ट्रेलिया पहले ही राउंड में टूर्नामेंट से बाहर हुई है। इससे पहले साल 2009 में भी ऑस्ट्रेलिया ग्रुप चरण में वेस्टइंडीज और श्रीलंका से मुकाबले हारकर बाहर हो गई थी।
इस बार भी टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती मुकाबलों में मिली हार ने उसके अभियान को पटरी से उतार दिया। प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी और टीम संयोजन में बदलाव का असर साफ देखने को मिला। गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।
क्रिकेट जगत में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा हमेशा से रहा है। वनडे वर्ल्ड कप में भी ऑस्ट्रेलिया आखिरी बार 1992 में ग्रुप स्टेज से बाहर हुई थी, जिसके बाद वह लगातार नॉकआउट दौर तक पहुंचती रही है।हालांकि, इस बार टी20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से बाहर होना टीम और फैंस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब ऑस्ट्रेलियाई टीम को आगामी टूर्नामेंटों में वापसी के लिए नई रणनीति और संतुलित टीम संयोजन पर काम करना होगा।


