बेटियों – दामादों से मिलकर भावुक हुए बागेश्वर महाराज, बोले— संतानों को बनायें सनातन संस्कारों का ध्वज वाहकबागेश्वर धाम में आयोजित हुआ बेटी दामाद समारोह

छतरपुर। बागेश्वर धाम में एक भावुक और प्रेरणादायी दृश्य उस समय देखने को मिला जब बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र शास्त्री ने वर्ष 2020 से 2023 के बीच सामूहिक कन्या विवाह के माध्यम से विवाह बंधन में बंधी बेटियों से मुलाकात की। बेटियों और दामादों को सामने देखकर महाराज श्री भावुक हो उठे और उनका हालचाल पूछते हुए उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि आज बेटी और दामाद के साथ भेंट करने से मन अत्यंत प्रसन्न और हृदय आह्लादित है।

नातिन नातियों को देखकर महाराज श्री ने कहा कि इन्हें सनातन का सिपाही बनाएं, बच्चों को संस्कारों की शिक्षा दें।महाराज श्री ने बेटियों से उनके परिवार, ससुराल और जीवन की परिस्थितियों के बारे में आत्मीयता से बातचीत की। महाराज श्री ने बेटियों से कहा कि वह प्रेम का प्रकाश पूरे परिवार पर फैलाएं। बागेश्वर धाम में आयोजित बेटी दामाद सम्मेलन में शामिल हुई बेटियों ने कहा कि आज उन्हें इतनी खुशी है कि वह अपने मुंह से बयां नहीं कर सकती।

देश में शायद ही कहीं इस तरह का कार्यक्रम आयोजित हुआ होगा क्योंकि विवाह सम्मेलनों से जिनके विवाह होते हैं उनकी खैर खबर दोबारा लेने वाला कोई नहीं होता। बेटियों ने भी बड़े आदर और प्रेम से अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान कई बेटियों की आंखें भी नम हो गईं, क्योंकि वह अपने धर्म पिता के सानिध्य में आई थीं।बागेश्वर महाराज ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि संतानों को केवल पढ़ाना-लिखाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अच्छे संस्कार देना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपनी संतानों को समाज और संस्कृति का ध्वज संवाहक बनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भारतीय परंपराओं और मूल्यों को आगे बढ़ा सकें।सहयोग, संवेदना और जिम्मेदारी की याद दिलाता यह आयोजन बागेश्वर धाम का यह आयोजन सामाजिक सहयोग, संवेदना और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। जिस तरह से महाराज श्री ने बेटियों को बुलाकर उनका हाल जाना उससे उनकी भावनाएं और मजबूत हुई।

बेटियों ने कहा कि बागेश्वर धाम उनका मायका है यहां से होने वाले विवाह जरूरतमंद बेटियों को सम्मानपूर्वक नया जीवन शुरू करने का अवसर देते हैं। महाराज श्री ने नाश्ता से लेकर भोजन और शीतल पेय की समुचित व्यवस्था कराई। इस अवसर पर कन्या विवाह सर्वे टीम प्रभारी राजेंद्र अवस्थी, अवध लाल सुल्लेरे,अभिलाष पटेल चच्चू शिवहरे विशेष रूप से उपस्थित रहे।बेटियों को उपहार देकर विदा किया बागेश्वर धाम आई बेटियों का महाराज श्री ने उत्साह के साथ स्वागत किया। बागेश्वर धाम में बेटियों ने अपना मायके का स्वागत अनुभव किया जब बेटियां मायके से वापस ससुराल जाती है तो बेटी के मां-बाप की ओर से कुछ न कुछ उपहार भेंट किया जाता है। बागेश्वर महाराज ने भी यही परंपरा निभाते हुए बेटियों को साड़ी, तुलसी लगाने के लिए गमला, मिष्ठान और दक्षिणा भेंट की एवं सभी बेटियों को सुख में जीवन का आशीर्वाद दिया।

बेटियों – दामादों ने सुनाए खट्टे मीठे अनुभव बागेश्वर धाम आए बेटियों दामादों ने महाराज श्री से मिलकर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अपने खट्टे मीठे अनुभव भी बताए। कुछ बेटियों ने दामादों की शिकायत की तो कुछ दामादों ने बागेश्वर महाराज को ससुर मानते हुए उनकी बेटियों की शिकायत की।

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