बालाघाट जिले के स्वास्थ्य विभाग में कथित फर्जी डिग्री और दस्तावेजों का गंभीर मामला सामने आया है… बिरसा विकासखंड के BMO डॉ. सुनील कुमार सिंह के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शासकीय सेवा प्राप्त करने के आरोप में बिरसा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है… CMHO डॉ. शत्रुघ्न दहिया के अनुसार, शिकायत के बाद पिछले पांच माह से जांच की जा रही थी… जांच में डॉ. सुनील सिंह की MBBS डिग्री और मेडिकल पंजीयन कूटरचित पाए गए हैं…जिसके बाद शासन स्तर से इस मामले में कार्यवाही करने के आदेश हुए थे… इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है…CMHO डॉ. शत्रुघ्न सिंह दहिया ने बताया कि डॉ. सुनील कुमार सिंह की नियुक्ति वर्ष 2009 में संविदा आधार पर हुई थी…इसके बाद वर्ष 2012 में वे नियमित हुए और वर्ष 2023 में उन्हें बिरसा विकासखंड के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) के पद पर पदोन्नत किया गया था तभी से उनकी शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल पंजीयन से संबंधित दस्तावेजों को लेकर शिकायत हुई थी और उसी शिकायत के बाद जांच की जा रही थी… यह जांच काफी लंबे समय से चल रही थी… CMHO डॉ. दहिया के मुताबिक, राज्य सरकार के आदेश के तहत इस मामले में बिरसा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई… एफआईआर में आरोप है कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शासकीय सेवा प्राप्त की गई… शिकायत में संबंधित शैक्षणिक योग्यता, नियुक्ति और अन्य अभिलेखों की जांच का उल्लेख किया गया है…पुलिस ने बिरसा थाने में अपराध क्रमांक 0258/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4), 340(2) और 336(3) में मामला दर्ज किया गया है… इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग में भर्ती, नियमितीकरण और पदोन्नति के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं… संबंधित नियुक्ति और पदोन्नति से जुड़े मामलों में आगे कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है…बड़ी बात तो यह भी है कि जब तीन साल पहले सुनील सिंह की शिकायत हुई थी तब विभागीय जांच होने के बाद उन्हें क्लीन चिट दी गई थी ऐसे सवाल में यह भी उठता है कि आखिर उस टाइम कैसे यह सब हुआ…बाइट 01– शत्रुघ्न सिंह दाहिया (सीएमएचओ)


