- नवमी पर कन्याओं को खिलाने के लिए बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे पढ़े-लिखे लोग
- मंदिरों में भी लोगों के आने पर लगाई गई रोक, पंडित बोले- अपने घरों में ही करें पूजा
दैनिक भास्कर
Apr 02, 2020, 10:19 AM IST
छत्तीसगढ़. कोराेनावायरस के संक्रमण से बचाने के लिए हुए लॉकडाउन के कारण रामनवमी पर गुरुवार को न तो कन्याभोज होगा और न ही कोई शोभायात्रा निकलेगी। मंदिरों में भी लोगों के आने औ पूजा करने पर रोक लगा दी गई है। वहीं ब्राह्मणों ने भी लोगों से अपील की है कि वह अपने-अपने घरों में ही पूजा-अर्चना करें। दूसरी ओर संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार ने विदेश से एक मार्च के बाद आए सभी लोगों के लिए कोरोना टेस्ट अनिवार्य कर दिया है।
डाटा जुटाकर संपर्क करेगी हेल्थ टीम, लोगों से भी खुद सामने आने की अपील
हेल्थ सचिव निहारिका बारिक ने बताया कि कोविड-19 से बचाव के लिए एक मार्च के बाद विदेश से अाने वाले सभी लोगों की पहचान कर उनका कोरोना टेस्ट किया जाएगा। यूके के अलावा जो भी व्यक्ति अन्य देश से आएं हैं, उनके लिए जांच का दायरा एक महीने तय किया गया है। अब एेसे लोगों से संपर्क कर उनकी जांच कराई जाएगी। इसके अलावा कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर फरवरी में भी अन्य देशों से लौटे लोग अपनी जांच कराएं।
कन्या भोज के नाम पर मासूमों की जान डाल रहे जोखिम में
रायपुर के डीडीनगर के जिस घर में लंदन से अाई छात्रा कोरोना पाजिटिव पाई गई है, वहां से महज तीन मकान दूर रहने वाले एक पढ़े-लिखे परिवार ने कन्या भोज के नाम पर दो किमी दूर कुकुरबेड़ा बस्ती से छोटी-छोटी लड़कियों को बुलवा लिया। बच्चियां तैयार होकर बिना मास्क लगाए घर से पैदल निकल गईं। एक साथ पैदल जाती इन बच्चियों को रविवि परिसर के अंदर सीअाईएसएफ के जवान ने देखा, तो वह रुक गए। इसके बाद अन्य लोग भी आ गए और उन्होंने बच्चियों को मास्क पहनाए। इसके बाद सीआरपीएफ जवान ने उनसे बात कर घर छोड़ा।
लॉकडाउन के बीच चल जुआ, पुलिस पहुंची तो भागने की चक्कर में टूटा पैर
रायपुर में शंकर नगर के सेक्टर 1 के एक घर में जुआ चल रहा था। पुलिस ने दबिश दी तो बचने के लिए भाग रहा एक व्यक्ति पहली मंज़िल से कूद गया। इसके चलते उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने 13 व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने 11 लाख रुपए से ज्यादा बरामद किए हैं। खास बात यह है कि मकान किराये पर लेकर वहां जुआ खिलाया जा रहा था।
दामाद ने कहा-ससुर को घर पहुंचाना है, एसडीएम का जवाब-14 तक उनकी सेवा करो
बालोद के एसडीएम कार्यालय में आमापारा के एक व्यक्ति ने अर्जी लगाई। इसमें कहा कि उसके ससुर कई दिनों से घर पर हैं। उन्हें उनके घर पहुंचाना है। जो राजनांदगांव के अंबागढ़ चौकी के रहने वाले हैं। इस पर एसडीएम शिल्ली थॉमस ने उनकी तबीयत पूछी, तो दामाद ने कहा ठीक हैं। एसडीएम ने कहा तो फिर 14 अप्रैल तक उनकी सेवा करो। अभी हम कोई अनुमति नहीं देंगे।
रायपुर में हुई भाई की मौत तो लाश लाने भी लगानी पड़ी अर्जी

शिकारीपारा के चुरामन लाल राव एसडीएम के पास अर्जी लगाने पहुंचे। उनका कहना था कि रायपुर में उनके भाई यशवंत की मौत हो गई है। उनका अंतिम संस्कार करने लाश घर लाना है। एसडीएम ने कहा कि लाश लाने अनुमति तो दे देंगे लेकिन उन्हें घर पर नहीं लाना है। सीधे मुक्तिधाम ले जाना है। उन्हें इसके लिए लिखित आवेदन बनवाने कहा। तब उन्हें लाश जिले में लाने की अनुमति मिली। मृतक यशवंत राव (50) रायपुर सिविल कोर्ट में भृत्य पद पर थे। कुछ दिनों से बीमार थे।
मां के लिए दवाई लेने जाना है, अधिकारी बोले-दवाई मंगवा देंगे
एक युवती अपनी मां के लिए दवाई लेने रायपुर जाने के लिए अर्जी लगाने आई थी। तहसीलदार रश्मि वर्मा ने कहा कि हम दवाई लेने जाने की अनुमति नहीं दे सकते। आप कहेंगे तो हम संबंधित मेडिकल से आप तक दवाई भिजवा कर जरूर दे देंगे। ऐसे और भी कई कारणों से लोग एसडीएम दफ्तर में दूसरे जिले जाने या अपने घर में फंसे हुए लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए आवेदन करने आ रहे हैं।
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