- राज्य में मनरेगा के तहत 66 लाख से ज्यादा श्रमिक रोज करते हैं काम
- पत्र में नरेगा के तहत पहले 3 माह की राशि जारी करने की मांग रखी
दैनिक भास्कर
Apr 03, 2020, 06:02 PM IST
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए केंद्र से 1016 करोड़ रुपए की मांग की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके लिए एक पत्र भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा है। इसमें कहा गया है कि मनरेगा के तहत वर्ष 2020-21 की पहले तीन माह की राशि को जारी किया जाए। कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन से मजदूरों सामने संकट आ गया है।
छत्तीसगढ़ में मनरेगा के तहत 39.56 लाख परिवारों के 89.20 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें से 32.82 लाख परिवारों के 66.05 लाख श्रमिक सक्रिय रूप से योजना के माध्यम से रोजगार प्राप्त करते हैं। मार्च 2020 की शुरुआत में राज्य में करीब 12 लाख श्रमिक रोज कार्य कर रहे थे। पिछले 10 दिनों से कोरोना संक्रमण से हुए लॉकडाउन से श्रमिकों की संख्या बहुत कम हो गई है।
484 करोड़ रुपए की मजदूरी भुगतान लंबित
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, राज्य शासन की ओर से कोरोना से बचाव के लिए सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। वर्तमान में मनरेगा के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 484 करोड़ रुपए की मजदूरी भुगतान लंबित है। इन विपरीत परिस्थितियों में इस लंबित मजदूरी का भुगतान तत्काल किया जाना आवश्यक है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को पत्र के माध्यम से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत रु 1016 करोड़ राज्य को शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया है जिससे श्रमिक परिवारों की आर्थिक सहायता की जा सके।@PMOIndia pic.twitter.com/tWDTYpnBml
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) April 3, 2020


