रियो डी जनेरियो: ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो (Jair Bolsonaro) की कोरोना (Corona Virus) रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इस बारे में उन्होंने खुद लाइव टेलीविजन पर बताया. सोमवार को COVID-19 के लक्षण नजर आने के बाद बोल्सोनारो का टेस्ट किया गया था, अब रिपोर्ट आने के बाद यह पुष्टि हो गई है कि वह कोरोना से पीड़ित हैं.
65 वर्षीय राष्ट्रपति शुरुआत से ही कोरोना महामारी को कम आंकते आए हैं. यही वजह है कि उन्होंने कड़े उपायों का विरोध किया और नियमों को मानने से इंकार कर दिया. हालांकि, रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कोरोना को लेकर उनकी सोच में बदलाव होगा या नहीं यह कहना फिलहाल मुश्किल है.
दिए थे अजीबोगरीब तर्क
कोरोना प्रभावित देशों में ब्राजील अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है. यहां अब तक 65,000 से अधिक मौतें दर्ज की जा चुकी हैं और 1.5 मिलियन से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं. जब मार्च में कोरोना वायरस ने ब्राजील में रफ्तार पकड़नी शुरू की, तब बोल्सोनारो ने कहा था कि चूंकि वह एथलीट रहे हैं, इसलिए कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता. इतना ही नहीं, फुटबॉल प्रतियोगिताएं जल्द शुरू कराने के लिए उन्होंने यहां तक कह दिया था कि फुटबॉलर कोरोना से नहीं मरेंगे, उनकी इम्युनिटी अच्छी होती है.
ट्रंप की तरह अर्थव्यवस्था की फिक्र
कोरोना के लक्षण दिखाई देने के बाद भी वह यही कहते रहे कि उन्हें कुछ नहीं होगा. MRI जांच के बाद उन्होंने कहा था कि ‘मैं लंग स्कैन के लिए अस्पताल गया था और मेरे फेफड़े पूरी तरह साफ हैं’. अपने दोस्त डोनाल्ड ट्रंप की तरह बोल्सोनारो लगातार लोगों की जान से ज्यादा अर्थव्यवस्था की फ़िक्र करते रहे. उन्होंने कड़े उपायों का न केवल खुलकर विरोध किया बल्कि नियमों के उल्लंघन में भी सबसे आगे रहे.
कोई स्वास्थ्य मंत्री नहीं
कोरोना की रोकथाम के लिए बनाए गए नियमों की धज्जियां उड़ाने के लिए राष्ट्रपति को अदालत से फटकार भी मिल चुकी है. कुछ समय पहले, फेडरल न्यायाधीश रेनैटो बोरेली (Renato Borelli) ने प्रशासन को आदेश दिया था कि यदि राष्ट्रपति सार्वजनिक रूप से बिना मास्क के नजर आते हैं, तो उन पर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाए. वर्तमान में ब्राजील में कोई स्थायी स्वास्थ्य मंत्री नहीं है, क्योंकि पिछले दो मंत्री महामारी से निपटने की रणनीति पर राष्ट्रपति से विवाद के चलते अपना पद छोड़ चुके हैं.


