buttermilk benefits: Digestion diet: इस तरह छाछ पीने से दूर होगी डाइजेशन और डिहाइड्रेशन की समस्या, आर्युवेद डॉक्टर ने बताए Buttermilk के फायदे – best way to drink buttermilk as per ayurveda for the digestion or dehydration problem know chach benefits

जो लोग डाइजेशन की समस्या से परेशान हैं उनके लिए दही बढ़िया विकल्प बताया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अच्छे डाइजेशन और डिहाइड्रेशन के लिए दही से निकला छाछ (Buttermilk) भी एक नेचुरल आहार है। मसालेदार भोजन के बाद अगर आप छाछ पीते हैं तो सारा खाना आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है और पेट को भी राहत मिलती है।

छाछ कैल्शियम का बेहतरीन सोर्स है और इसे लैक्टोज न पचाने वाले लोग भी ले सकते हैं। दही के फायदों के बारे में तो आप सभी जानते ही होंगे लेकिन आज यहां हम आपको छाछ के फायदे बताने के साथ-साथ इसकी एक ऐसी रेसिपी भी बताएं जो उनके लिए बेहतरीन आहार है जिनका हाजमा खराब है। इस आर्टिकल में हम आपको इसी सवाल का जवाब विस्तार से दे रहे हैं।
(फोटो साभार: istock by getty images)

​आयुर्वेदिक डॉक्टर ने शेयर की छाछ की रेसिपी

आयुर्वेद में छाछ के विभिन्न रूपों की व्याख्या की गई है, जिनमें से एक पारंपरिक रूप से केरल के अधिकांश घरों में मुख्य आहार के तौर पर जाना जाता है। छाछ के फायदों को लेकर केरल से ताल्लुक रखने वाली आयुर्वेदिक मेडिसिन (BAMS) डॉक्टर रेखा राधामनी ने जिक्र किया है।

उन्होंने हाल में अपने सोशल अकाउंट पर छाछ की खास रेसिपी शेयर की है। ये उन लोगों के लिए स्पेशल आहार है जो डाइजेशन की समस्या से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि अगर उनके द्वारा बताई छाछ रेसिपी को फॉलो किया तो हाजमे की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। डा. के अनुसार, उनके अस्पताल और आस-पास पड़ोस के घरों की कई पीढ़ियां इस छाछ रेसिपी को अपनाती हैं।

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​सामग्री

1.5 बड़ा चम्मच दही

1.5 गिलास पानी

सबसे पहले इसे अच्छी तरह से ब्लेंड करें और इसे 3 मिनट तक इस सामग्री को एक दूसरे से अलग होने देने के लिए रखें। फिर छाछ को अलग निकालें। अब छाछ में एक चुटकी भुना जीरा, भुना हुआ अजवायन पाउडर और स्वादानुसार काला नमक डालें और फिर इस जायके का मजा लें।

देखें छाछ की पारंपरिक रेसिपी

​डाइजेशन के लिए अमृत है छाछ

छाछ को पाचक अमृत माना जाता है! आयुर्वेदिक ड़ॉक्टर ने बताया कि उनके घर में हर दिन इसी तरह से छाछ बनाई जाती है और दोपहर का भोजन इसी मसालेदार रेसिपी के साथ किया जाता है। इस छाछ के सेवन से आप कितने भी मसाले का भोजन डाइजेस्ट कर सकते हैं।

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​ब्लड प्रेशर को करता कंट्रोल

एक स्टडी के मुताबिक यह हाई ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करता है। इसके सेवन से बढ़े हुए कफ और वात में भी राहत मिलती है। शरीर के अंदर जब भी आपको जलन महसूस हो तो छाछ पिएं। क्योंकि यह एक ठंडा पेय पदार्थ भी है।

​छाछ पीने के फायदे

सेहत के लिए छाछ भी उतना ही फायदेमंद है जितना कि दही को माना जाता है। छाछ डाइजेशन के लिए तो अच्छा माना ही जाता है। इसके अलावा यह चिड़चिड़ापन, आंत्र सिंड्रोम अपच, कुअवशोषण, एनीमिया, आंतरिक बाहक त्वचा रोग यानी स्किन इंफेक्शन आदि समस्याएं दूर हो जाती हैं। गर्मियों में छाछ पीने से दिमाग भी ठंडा रहता है। एक स्टडी में भी यह साबित हुआ है कि छाछ में बायो एक्टिव प्रोटीन होता है जो कि कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है।

​छाछ के पोषक तत्व

छाछ में कैल्शियम के अलावा पोटेशियम, विटामिन-बी और फास्फोरस की मात्रा पाई जाती है। इस कारण ये हमारी हड्डियों को लिए बहुत अधिक फायदेमंद होता है। जो लोग गर्मी के मौसम में नियमित रूप से छाछ पीते हैं, उन्हें हड्डियों का कमजोर होना, शरीर में कैल्शियम की कमी होना, जोड़ों में दर्द होना जैसी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है।

​कब करें छाछ का सेवन

छाछ बेहद फायदेमंद है फिर भी कुछ परिस्थितियों में छाछ की जगह दही लेना बेहतर होता है जैसे, जो लोग वजन बढ़ाना चाहते हैं या जिन बच्चों में पोषण की कमी है वे दही का सेवन करें। क्योंकि इसमें पोषक तत्वों का कंसंट्रेशन ज्यादा होता है। जो लोग लिक्विड डाइट से परहेज में हैं और उन्हें प्रोटीन चाहिए जैसे किडनी के मरीज, वे दही ले सकते हैं।




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