Can Congress take revenge of Rajasthan in Manipur as CM N Birendra Singh has to face vote trust vote today – क्या इस राज्य में आज बच जाएगी BJP की सरकार, या कांग्रेस लेगी राजस्थान का बदला?

क्या इस राज्य में आज बच जाएगी BJP की सरकार, या कांग्रेस लेगी राजस्थान का बदला?

मणिपुर में आज राज्य सरकार को विश्वास मत का सामना करना है

खास बातें

  • मणिपुर में सरकार को खतरा?
  • कई बगावत झेल रही है सरकार
  • आज है विश्वास मत

नई दिल्ली :

राजस्थान में जो हालात कांग्रेस झेल रही है वैसा ही कुछ मणिपुर में बीजेपी की अगुवाई में चल रही है  एन बीरेन सिंह के साथ भी हो रहा है. यहां पर राज्य सरकार बगावत का सामना कर रही है और सोमवार को एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें सीएम एन बीरेनव सिंह विश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे.  विश्वास मत में राज्य में  बीजेपी नीत गबठंधन सरकार के भाग्य का फैसला होगा.  बीजेपी और कांग्रेस ने क्रमश: अपने 18 और 24 विधायकों को व्हिप जारी करते हुए विधानसभा में मौजूद रहने और पार्टी लाइन के मुताबिक मत देने के लिए कहा है.  60 सदस्यीय विधानसभा में तीन विधायकों के इस्तीफे और दल-बदल कानून के तहत चार विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब सदन में 53 विधायक हैं.

यह भी पढ़ें

हलोत के लिए मुसीबत : BSP MLAs के कांग्रेस में विलय के खिलाफ अर्ज़ी पर सुनवाई करेगा SC

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एस टिकेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सरकार 30 से ज्यादा सदस्यों का समर्थन हासिल करके विश्वास मत जीतेगी. हालांकि सदन में गठबंधन सरकार के पास सिर्फ 29 सदस्यों का संख्याबल है. कांग्रेस ने 28 जुलाई को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था.  कांग्रेस के विधायक केशम मेघचंद्र सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की ओर से पेश विश्वास प्रस्ताव पर सदन में चर्चा सूचीबद्ध है. 

उन्होंने कहा, ‘सदन की कार्यवाही के नियम में यह स्पष्ट है कि अगर एक ही मुद्दे को लेकर दो अलग-अलग प्रस्ताव पेश किए गए हों यानी एक विपक्ष के द्वारा और एक सरकार के द्वारा तो प्राथमिकता सरकार की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव को दी जानी चाहिए. इसलिए कांग्रेस इस चर्चा में हिस्सा लेगी.’

राजस्थान : अंतिम दौर की लड़ाई, विधायकों के बीच सेनापति की तरह बोले CM अशोक गहलोत

सिंह ने कहा कि इस चर्चा के दौरान कांग्रेस राज्य में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की जब्ती पर चर्चा करेगी जो चंदेल स्वायत्त जिला परिषद के अध्यक्ष लुखोसेई जोऊ से जुड़ा है. वह उस समय बीजेपी नेता थे. वहीं विपक्षी पार्टी कोविड-19 महमारी के प्रसार और लॉकडाउन के दौरान जरूरी वस्तुओं के उपलब्ध नहीं होने जैसे मुद्दे को उजागर करेगी. 

अज्ञात जगह के लिए रवाना हुए गुजरात आए राजस्थान BJP के 6 विधायक, भाजपा नेता बोले- मुझे कोई जानकारी नहीं

राज्य  सरकार के सामने 17 जून को राजनीतिक संकट उपस्थित हो गया क्योंकि छह विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया, वहीं बीजेपी के तीन विधायक पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए.  हालांकि बीजेपी के शीर्ष नेताओं और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा के हस्तक्षेप के बाद नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के चार विधायक बाद में गठबंधन में वापस आ गए. संगमा एनपीपी के सुप्रीमो हैं. 

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here