इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी के कारण फैली बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। स्वास्थ्य विभाग के सीएचएमओ डॉ. माधव हासानी ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक कुल 350 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं, जिनमें से 205 मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में 149 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 13 मरीज आईसीयू में हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।
डॉ. हासानी ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर छोटे-छोटे अस्पतालों में भर्ती मरीजों की विशेष स्कैनिंग कराई गई। जांच के बाद 26 मरीजों में से आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या घटकर 18 रह गई है, जिनमें से कुछ को सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया और कुछ को डिस्चार्ज किया गया। फिलहाल आईसीयू में 13 मरीज हैं।स्वास्थ्य विभाग द्वारा 149 एक्टिव केसों में से 17 मरीजों की आज विशेष जांच की गई। साथ ही अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि डिस्चार्ज किए जा रहे मरीजों को आवश्यक दवाइयां निशुल्क उपलब्ध कराई जाएं। मरीजों से अपील की गई है कि वे पूरा उपचार लें, पानी उबालकर पिएं, ताजा भोजन करें, कटे हुए फलों का कच्चा सेवन न करें और बार-बार हाथ धोते रहें।
डॉ. हासानी ने बताया कि कल जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से भागीरथपुरा के लगभग 5 हजार प्रभावित घरों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जिंक की गोलियां, ओआरएस के पैकेट और पानी शुद्ध करने वाले ड्रॉप्स का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही घर-घर सर्वे कर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली जाएगी, जिसमें दस्त, उल्टी और पेट दर्द जैसी समस्याओं का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। डिस्चार्ज मरीजों की भी लगातार फॉलोअप की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे की हेल्पलाइन भी जारी की है, ताकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। वहीं, अब तक 6 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की जा चुकी है, जिनके दस्तावेज प्राप्त कर लिए गए हैं। अन्य संदिग्ध मौतों के मामलों की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसरों और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आगे की अनुशंसा करेगी।
बाइट:माधव हासानी, सीएचएमओ, स्वास्थ्य विभाग, इंदौर


