कोविड पॉज़िटिव महिलाओं ने स्वस्थ शिशुओं को जन्म दिया.
एक ओर जहां Covid-19 को लेकर हाहाकार मचा है, वहीं स्वास्थ्य सेक्टर (Healthcare Sector) से ऐसी कहानियां भी आ रही हैं जो दे रही हैं. ऐसी ही कहानी छत्तीसगढ़ के कवर्धा से आई, जहां डर के आगे जीत वाली कहावत चरितार्थ हुई.
कोविड नियंत्रण के लिए ज़िला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के पुख्ता इंतजामों के तहत डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाए गए, जहां संक्रमित मरीजों की देखभाल विशेष सतर्कताओं के साथ की जा रही है. उल्लेखनीय यह है कि बीती 9 व 10 तारीख को कोरोना संक्रमित 3 महिलाओं की सफल डिलीवरी कोविड हॉस्पिटल में करवाई गई. जानिए कि यह कैसे मुमकिन हुआ.
कैसे करवाए गए प्रसव?
सहसपुर लोहारा विकासखंड के बिरनपुर कला की 24 वर्षीय रेखा विश्वकर्मा पति श्री राम विश्वकर्मा, कुकदूर समीपस्थ ग्राम दइहानटोला की 26 वर्षीय कैलाश्री पति सालिक राम और पंडरिया की 26 वर्षीय दुवसिया टेकाम पति रामचन्द टेकाम ने स्वस्थ शिशुओं को जन्म दिया. इससे पहले तीनों प्रसूताओं की कोविड जांच की गई थी, जिनकी रिपोर्ट पॉज़िटिव आई थी.
छत्तीसगढ़ के कोविड अस्पताल में मौजूद स्टाफ.
तीनों को कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया था. अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. आदेश कुमार बागड़े ने बताया कि तीनों ही महिलाओं को जब भर्ती कराया गया था, तब दो में कोविड के लक्षण थे और स्थिति थोड़ी खराब थी. लगातार देखभाल और उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार होना भी बताया गया. उन्होंने बताया कि तीनों बच्चों को जिला अस्पताल स्थित एसएनसीयू में रखा गया है और स्थिति ठीक बताई गई है.
कलेक्टर ने दी बधाई
जिला कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने अस्पताल की इस उपलब्धि को सराहनीय बताते हुए कहा कि कोविड जैसी महामारी के समय में स्वास्थ्य टीम का कार्य मिसाल है. खासकर कोविड अस्पताल में कोविड मरीजों के सीधे संपर्क में आकर सेवाएं देने वाले समस्त स्टाफ की हिम्मत की दाद दी जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार मंडल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने सराहनीय काम किया.


