Chhattisgarh News In Hindi : Bilaspur: Dainik Bhaskar Campaign: Bring four old clothes from home, take two bags for free | चार पुराने कपड़े घर से लेकर आइए, दो थैले मुफ्त में ले जाइए

  • बिलासपुर को पॉलीथिन मुक्त बनाने और लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए नगर निगम के साथ एक पहल
  • दैनिक भास्कर और स्मार्ट सिटी लिमिटेड की संयुक्त पहल, आज से बृहस्पति बाजार में थैला बैंक शुरू

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2020, 09:42 AM IST

बिलासपुर. भूमि की उर्वरता और पर्यावरण के लिए घातक पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद कराने के लिए ‘दैनिक भास्कर’ ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड बिलासपुर के साथ संयुक्त अभियान की शुरुआत की है। अभियान के अंतर्गत बुधवार से बृहस्पति बाजार में महिला स्वसहायता समूह (उन्नति क्षेत्र स्तरीय संगठन) को नगर निगम ने थैला बैंक खोलने के लिए गुमटी प्रदान की है। यहां बैठ कर महिलाएं चार थैले के लिए पुराने कपड़े लेकर दो थैला मुफ्त सिल कर प्रदान करेंगी। आम जन में पॉलीथिन की जगह थैले का उपयोग करने की आदत डालने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है।

डिप्टी कमिश्नर खजांची कुम्हार ने बताया कि शहरों को स्वच्छ रखने के लिए इस बार के स्वच्छता सर्वेक्षण में ‘नो पॉलिथीन’ यानी पॉलीथिन मुक्त करने अभियान चलाने पर जोर दिया गया। इसके लिए प्रतिबंधित पॉलीथिन, पन्नियों और थैलियों का उपयोग बंद कराने के लिए कपड़े की थैलों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है। बृहस्पति बाजार के बाद शनिचरी बाजार में भी कपड़े के थैले उपलब्ध कराने के लिए महिला स्वयं सहायता समूह को गुमटी आवंटित की जाएगी। 

पॉलीथिन बेचने पर की जा रही जुर्माने की कार्यवाही

अभियान को सफल बनाने के लिए पॉलिथीन के विक्रय पर जुर्माने की कार्रवाई की गई। 50 ग्राम कैरी बैग पर 100 रुपए जुर्माना, 100 ग्राम कैरी बैग बेचने पर 200 रुपए तथा 4 किलोग्राम डिस्पोजल पर 1000 रुपए जुर्माना करने का प्रावधान है। पिछले दो महीने में प्रतिबंधित पॉलीथिन के विक्रय के 448 मामलों में 423 किलो 635 ग्राम पॉलीथिन जब्त की गई। वहीं 448 दुकानदारों से 83850 रुपए जुर्माना वसूल किया गया। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से पॉलीथिन बंद करने के लिए यह कार्रवाई जारी रहेगी। 

बेचने पर 3 साल की सजा
सॉलि़ड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2016 के अंतर्गत प्रतिबंधित पॉलीथिन और कैरी बैग, सिंग्ल यूज प्लास्टिक में डिस्पोजेबल ग्लास, कप, कटोरी आदि के इस्तेमाल और विक्रय पर शासन ने पाबंदी लगाई है। क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल और ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने दिशा निर्देश दिए हैं। रूल्स के मुताबिक एक से अधिक बार पॉलीथिन के कारोबार में संलग्न पाए जाने पर छह महीने से 3 साल तक की सजा का प्रावधान है। यह सिद्ध है कि पॉलीथिन नष्ट नहीं होता। भूमि की उर्वरता को नष्ट कर देता है। मवेशियों के लिए यह जानलेवा साबित हो रहा है। 


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