Chhattisgarh News In Hindi : Chhattisgarh Bilaspur ACB Education department clerk arrested for taking bribe from family of student immersed in dam | बांध में डूबे छात्र के परिजन से घूस लेते शिक्षा विभाग का क्लर्क गिरफ्तार

  • कोटा के बीईओ कार्यालय से एसीबी की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा, बीमा राशि दिलाने के नाम पर मांगे थे 4 हजार रुपए 
  • शासकीय स्कूल के छात्र की एनीकट में डूबने से हो गई थी मौत, राज्य सरकार की योजना में दिए जाने थे 1 लाख रुपए 

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2020, 09:53 AM IST

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एसीबी टीम ने शुक्रवार शाम शिक्षा विभाग के घूसखोर क्लर्क को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क ने बांध में डूबे छात्र के परिजनों को राज्य सरकार की योजना में बीमा राशि के एक लाख रुपए दिलाने के नाम पर 4 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। शासकीय स्कूल में पढ़ने वाले छात्र की बांध के एनीकट में डूबने से मौत हो गई थी। आरोपी क्लर्क कोटा के बीईओ कार्यालय में तैनात था और वहीं पर टीम ने उसे रुपए लेते धर दबोचा। 

छात्र के परिजनों ने कोटा बीईओ कार्यालय में सहायता राशि के लिए किया था आवेदन

  1. जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर 2019 में कोटा विकासखंड के ग्राम नवागांव के शासकीय स्कूल के छात्र अंकित यादव की एनीकट में डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद छात्र के परिजन दिलहरण यादव ने शासन से मिलने वाली सहायता राशि 1 लाख रुपए लेेने के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोटा आॅफिस में आवेदन दिया था। आरोप है कि सहायता राशि के एवज में कोटा विकासखंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड 3 बेदूराम कैवर्त्य ने 4000 रिश्वत की मांग की। 

  2. इस पर दिलहरण यादव ने इसकी शिकायत एसीबी में की थी। एसीबी ने तस्दीक कराई। इसके बाद बीईओ कार्यालय में ट्रैप किया गया। तय समय पर दिलहरण पैसे लेकर बीईआे कार्यालय में गया। उससे रुपए लेकर बेदूराम ने अपने पास रख लिए। इसी दौरान एसीबी की टीम पहुंच गई और बेदूराम कैवर्त्य की जेब से रकम बरामद कर ली। शुक्रवार सुबह देर से पहुंचने पर उसे डांट पड़ी और घर लौट जाने के लिए कहा। वह बाहर जरूर निकला पर फिर दफ्तर आ गया और पकड़ा गया। 

  3. स्कूल में पदस्थापना के दौरान हुआ था सस्पेंड

    आरोपी बाबू बेदू कैवर्त्य चार साल पहले बीईओ ऑफिस आया था। इससे पहले वह डीकेपी स्कूल में क्लर्क था। वहां भी लेनदेन के मामले में सस्पेंड हुआ था। किसी तरह वहां से वह बहाल हुआ और बीईओ आफिस में पोस्टिंग करा ली। यहां भी कुछ काम नहीं करता था। बताया जाता है कि वह दिनभर लेनदेन                 के ही चक्कर में रहता था। इससे पहले स्वीपरों के मानदेय में करोड़ों की हेराफेरी के आरोप में बीईओ एमएल पटेल को स्कूल शिक्षा विभाग ने सस्पेंड किया गया है। जब वे बिल्हा बीईओ थे तो एसीबी ने उनके बाबू सुख सागर भोई को पंचायत शिक्षकों से चार-चार हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।


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