सूरजपुर| ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने व उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना शुरू की गई थी। धरातल पर इस योजना में फर्जीवाड़ा होने से जरूरतमंदों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसा ही एक मामला प्रतापपुर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत गोविन्दपुर में सामने आया है, जहां मनरेगा में फर्जीवाड़ा किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर व जिला पंचायत में की गई शिकायत में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच, सचिव पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मस्टर रोल में फर्जी नाम दर्ज कर रुपए निकालने के मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में बताया कि मेट व वर्तमान पंच अविवाहित हैं, जिन्होंने फर्जीवाड़ा करते हुए समल कुमारी को प|ी बताकर ग्रामपंचायत गोविन्दपुर में जॉब कार्ड बनवा लिया। जिसका नंबर सीएच-05-015-006-001-977-अ है। जबकि ग्रामीणों सहित शिकायतकर्ता शैलेन्द्र पटेल ने बताया कि इस नाम की कोई भी महिला ग्राम पंचायत में नहीं रहती है। इसके साथ ही इस नाम की महिला ने कभी मनरेगा में काम किया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने मेट से फर्जी कार्ड के बारे जानकारी की। इस पर उन्होंने कहा कि जाओ जो करना है करो, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता। ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास के कई गांव में इस तरह के मनरेगा के फर्जी जाॅब कार्ड बनाकर बिना काम किए मजदूरी का रुपया हड़पा जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में जिला पंचायत के सीईओ अश्विनी देवांगन ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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