चीन के महत्वाकांक्षी मेडोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। चीनी वैज्ञानिकों और भूवैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि ब्रह्मपुत्र नदी (यारलुंग जंगबो) पर बन रहे इस विशाल बांध के ठीक नीचे एक सक्रिय भ्रंश रेखा (एक्टिव फॉल्ट लाइन) मौजूद है, जो परियोजना की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पृथ्वी की ऊपरी परत (क्रस्ट) में मौजूद यह दरार किसी भी भूगर्भीय हलचल या भूकंप के दौरान बांध और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती को प्रभावित कर सकती है। यदि भविष्य में कोई बड़ा भूगर्भीय हादसा होता है, तो इसका असर बांध के निचले हिस्सों तक पहुंच सकता है।
यह खतरा केवल चीन तक सीमित नहीं है। ब्रह्मपुत्र नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में स्थित भारत और बांग्लादेश पर भी संभावित जोखिम बढ़ सकता है। किसी बड़े हादसे की स्थिति में इन देशों के कई इलाकों में बाढ़ और अन्य गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है।
मेडोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा जलविद्युत बांध बनने जा रहा है। यह तिब्बत क्षेत्र में यारलुंग जंगबो (ब्रह्मपुत्र) नदी पर बनाया जा रहा है। परियोजना को लेकर पहले भी पर्यावरणीय प्रभाव, भूकंपीय जोखिम और डाउनस्ट्रीम देशों पर संभावित असर को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब सक्रिय फॉल्ट लाइन की मौजूदगी ने इस परियोजना की सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभावों को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।


