chinese universities are reopening with strict surveillance rules post covid 19 | चीन में 24 घंटे रखी जाएगी छात्रों पर नजर, वजह भी जान लीजिए

नई दिल्ली: दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) के बीच जिंदगी अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है. न्यू नॉर्मल (New Normal) को परिभाषित करते हुए नए नियम बना दिए गए हैं और लोग उन्हीं के साथ जीने की आदत विकसित कर रहे हैं. महामारी से निपटने के बीच चीन (China) ने अपनी यूनिवर्सिटी (University) खोलने का निर्णय लिया है.

महीनों बाद शुरू हो रही पढ़ाई
कोरोना वायरस महामारी के कारण सारी दुनिया थमने पर मजबूर हो गई थी. महीनों तक लॉकडाउन (Lockdown) में रहने के बाद अब जिंदगी धीरे-धीरे फिर से सामान्य राह पर लौट रही है. हालांकि, अब जिंदगी पहले की तरह सामान्य नहीं रह गई है और मास्क, सैनिटाइजर (Sanitiser) आदि हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गए हैं. चीन में कोरोना मामलों में कमी देखते हुए वहां के विश्वविद्यालयों (Universities) को खोलने की तैयारी की जा रही है. अभी कोरोना का कहर खत्म नहीं है और ऐसे में यूनिवर्सिटीज को पढ़ाई शुरू करवाने से पहले विद्यार्थियों के लिए कई सख्त नियम बनाने पड़े हैं.

ये भी पढ़ें- दुनिया के सिर्फ 2 देशों में हैं कोरोना के 40% मामले, विशेषज्ञों ने जताई चिंता

नहाने-खाने के सख्त नियम
चीन की कुछ यूनिवर्सिटी ने छात्रों के खाने-पीने, नहाने और कहीं आने-जाने तक के लिए सख्त नियम निर्धारित कर दिए हैं. बीजिंग (Beijing), नानजिंग (Nanjing) और शंघाई (Shanghai) के छात्रों की मानें तो उन्हें कैंपस (Campus) में ही रहना पड़ेगा और कहीं भी आने-जाने का विस्तृत विवरण देना होगा. हालांकि, छात्रों को अभी एप्लीकेशन (Application) की प्रक्रिया नहीं समझाई गई है और न ही यह बताया गया है कि किन परिस्थितियों में उन्हें कैंपस से बाहर निकलने की अनुमति मिलेगी.

निगरानी में रहेंगे विद्यार्थी
चीन में 20 मिलियन (Million) से भी ज्यादा यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स (University Students) हैं और उनमें से ज्यादातर कैंपस के शेयरिंग रूम्स में रहते हैं. ऐसे में विश्वविद्यालयों का खोला जाना स्वास्थ्य विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. सरकारी दस्तावेजों की मानें तो कई विश्वविद्यालयों ने महामारी रोकने वाले सर्विलांस सिस्टम (Surveillance System) खरीदे हैं. ये सर्विलांस सिस्टम फेशियल रिकॉग्निशन (Facial Recognition), कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (Contact Tracing) और शरीर के तापमान की जांच करने आदि पर आधारित हैं.

हाई-टेक सर्विलांस
विद्यार्थियों की निगरानी करने के लिए चीन के विश्वविद्यालयों ने काफी रकम खर्च की है. अलग-अलग विश्वविद्यालयों ने अपने विद्यार्थियों, उनके तापमान व कहीं भी आने-जाने की जानकारी रिकॉर्ड रखने के लिए काफी महंगे उपकरण खरीदे हैं. ये उपकरण किसी व्यक्ति की राष्ट्रीय आईडी व चेहरे की पहचान की मदद से उसकी यात्रा का विवरण रिकॉर्ड करते हैं. कैंपस में छात्र कहां घूम रहे हैं, कैंपस के बाहर कहां जा रहे हैं और वापिस कैसे आ रहे है, ये उपकरण इन बातों तक का ख्याल रखते हैं. इनमें से कई उपकरणों में 1 महीने तक का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है. यूनिवर्सिटी कैंपस के अलावा हॉस्टल तक में ऐसे ही उपकरणों की व्यवस्था की गई है. इसका मतलब है कि चीन में अब छात्रों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी.

नहाने तक का समय हुआ तय
नानजिंग यूनिवर्सिटी के छात्रों को नहाने के लिए भी समय की बुकिंग करवानी पड़ रही है. इसमें उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है. कई बार जल्दबाजी और बुकिंग स्लॉट न मिल पाने के कारण विद्यार्थी बिना बुकिंग के भी वॉशरूम में घुस जाते हैं. वहीं, कुछ विद्यार्थियों का यह भी कहना है कि सख्त नियम सिर्फ दिखावे के लिए हैं और कैंपस के गेट पर तापमान जांचने वाले गार्ड भी दूर से ही थर्मामीटर लहरा देते हैं. 
सभी विद्यार्थियों का मानना है कि नए नियम कितने भी सख्त हों और भले ही उनकी निजता का उल्लंघन कर रहे हैं पर सभी को उन्हें मानना तो पड़ेगा है.

दुनियाभर की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here