कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बुधवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमिहीन पात्र व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर पट्टे दिए जाएं ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।बैठक में कलेक्टर ने उन हितग्राहियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए जिन्होंने योजना की राशि का दुरुपयोग किया है या आवास निर्माण पूरा नहीं किया है। ऐसे मामलों में राशि की वसूली की जाएगी।
उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिया कि वे तहसील कोर्ट में आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाणपत्र) के आवेदन जमा कराएं और पुलिस बल के साथ वसूली की कार्रवाई करें, खासकर छतरपुर, राजनगर और खजुराहो में।कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि पीएम आवास योजना का उद्देश्य हर पात्र परिवार को पक्का घर देना है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने और नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए। बैठक में एडीएम मिलिंद नागदेवे और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।