भोपाल, मध्य प्रदेश – गणेश चतुर्थी और कृष्ण जन्माष्टमी जैसे पर्वों के शुभ अवसर पर भोपाल के डॉ. कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। अस्पताल ने ‘मानव मिल्क बैंक’ का शुभारंभ किया है, जिसे ‘अमृत कलश’ नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य नवजात शिशुओं, खासकर समय से पहले जन्मे, कमजोर और बीमार बच्चों को मां के दूध का जीवनरक्षक पोषण उपलब्ध कराना है।
‘अमृत कलश’ क्यों है महत्वपूर्ण?
डॉ. रचना दुबे, जो कि चिकित्सालय की नोडल अधिकारी हैं, ने बताया कि यह मिल्क बैंक उन नवजात शिशुओं के लिए आशा की एक किरण है, जिन्हें किसी कारणवश अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता। यह मिल्क बैंक माताओं द्वारा दान किए गए दूध को सुरक्षित रूप से पाश्चराइज करेगा और जरूरतमंद शिशुओं को उपलब्ध कराएगा। इस पहल से शिशु मृत्यु दर को कम करने और माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। डॉ. दुबे ने इसे एक बहुत ही जरूरी और अच्छा कदम बताया, ताकि कोई भी शिशु मां के दूध से वंचित न रहे।
केवल अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए सुविधा
यह सुविधा फिलहाल केवल डॉ. कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के लिए ही उपलब्ध होगी। इस मिल्क बैंक के शुभारंभ के मौके पर चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. बलराम उपाध्याय, मिल्क बैंक इंचार्ज डॉ. स्मिता सक्सेना और अन्य विशेषज्ञ, चिकित्सक और स्टाफ सदस्य मौजूद थे।