corona infection and first thing to do: एक गलती जो जानलेवा बना रही है कोरोना वायरस को, इससे बचेंगे तो सुरक्षित रहेंगे आप – this is the only mistake making coronavirus more fatal

डॉक्टर्स और मेडिकल एक्सपर्ट्स लगातार इस बात को कह रहे हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण की दर अधिक है लेकिन यह वायरस जानलेवा नहीं है। ऐसा सिर्फ तब तक है, जब तक आप इस वायरस के प्रति लापरवाही ना बरतें। इस बारे में एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया कई अलग-अलग मौकों पर बता चुके हैं।

आपको याद दिला दें कि अप्रैल 2020 में डॉक्टर गुलेरिया ने कहा था कि यदि आप इस वायरस से संक्रमित हो जाते हैं तो डरने के बजाए इसका इलाज कराएं। साथ ही जैसे ही आपको इस बात का शक हो कि आप वायरस की चपेट में आ चुके हैं, बिल्कुल भी लापरवाही ना बरतें और तुरंत टेस्ट कराने के साथ ही ट्रीटमेंट लेना शुरू कर दें। यदि आप इतनी सतर्कता बरतेंगे तो यह वायरस आपकी जान को जरा भी जोखिम नहीं पैदा कर पाएगा।

लेकिन इसके विपरीत यदि आप इस वायर के प्रति लापरवाही बरतेंगे तो यह आपके शरीर के अंदरूनी अंगों को अपने चपेट में लेकर उनके काम में बाधा पहुंचाएगा और आपकी स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जाएगी। कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना से संक्रमित 80 प्रतिशत मरीजों को केवल सपॉर्टिव केयर की जरूरत होती है। यानी उन्हें यदि जरूरी दवाएं और सही डायट समय पर मिल जाए तो वे कोरोना वायरस (Coronavirus) को आसानी से मात दे देते हैं। 14 दिन क्वारंटाइन के बाद भी बरतें ये सावधानियां, परिवार में नहीं फैलेगा कोरोना संक्रमण

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कोरोना से डरें नहीं बल्कि बचाव करें

जबकि मात्र 20 प्रतिशत मरीज ही ऐसे होते हैं जिन्हें अधिक देखभाल और हर समय चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत होती है। इन 20 प्रतिशत मरीजों में से मात्र 5 प्रतिशत लोगों को वेंटिलेटर्स की जरूरत होती है और 15 प्रतिशत लोगों को ऑक्सीजन सपॉर्ट सिस्टम की जरूरत पड़ती है। क्योंकि देश में और खासतौर पर दिल्ली में एक बार फिर कोरोना वायरस का कहर बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को अपनी सेहत को लेकर सिर्फ सतर्क रहने की जरूरत है। घर बैठे करें फेस मास्क का मोमबत्ती टेस्ट, जानें कोरोना को रोकने में प्रभावी है या नहीं

क्योंकि पहले की तुलना में हमारे पास इस वायरस की गंभीर स्थितियों से निपटने के लिए बेहतर मात्रा में संसाधन हैं और अब हमारे डॉक्टर्स भी इस वायरस का इलाज करने में पहले की तुलना में अधिक अनुभवी हो चुके हैं। ऐसे में यदि इस वायरस की चपेट में आए लोग समय पर अपना इलाज कराएं और गाइडलाइन्स को फॉलो करें तो इस वायरस को आसानी से हराया जा सकता है। आज के समय में शुरुआती स्तर पर की गई लापरवाही ही एक ऐसी समस्या है, जो इस वायरस को अधिक घातक और जानलेवा बना रही है। कुछ खाते ही पेट में भारीपन लगता है तो भोजन के बाद ये 5 चीजें खाने से मिलेगा तुरंत लाभ

हालांकि इस वायरस से मरनेवाले लोगों में ऐसे मरीजों की संख्या अधिक है, जिन्हें पहले से कोई गंभीर रोग था। खासतौर पर जो लोग हार्ट, किडनी, फेफड़ों की बीमारी से ग्रसित हैं, उनके लिए यह वायरस अधिक खतरा पैदा करता है। इसके साथ ही शुगर और अर्थराटिस के मरीजों को भी सामान्य से अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। यह जानकर आप हैरान हो सकते हैं, शुगर पेशंट के लिए लाभकारी है शकरकंद, जबकि इन्हें देती है नुकसान

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