Edited By Somendra Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी दुनिया में अभी भी तेजी से फैल रहा है और उसे रोकने के लिए किए गए सारे इंतजाम बेअसर से होते दिख रहे हैं। कोरोना वायरस पर चल रही रिसर्च के बाद लगातार ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं जो लोगों की चिंता बढ़ाने के साथ-साथ डॉक्टरों के लिए भी एक नई चुनौती बनकर उभर रहे हैं। इसी बीच बिना लक्षण वाले कोरोना वायरस को लेकर एक नई बात सामने आई है।
कहा जा रहा है कि जिन मरीजों में किसी भी प्रकार का लक्षण नहीं देखा जा रहा, कोरोना वायरस उनके फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। आइए अब आपको विस्तारपूर्वक बताते हैं कि कैसे बिना लक्षण वाला कोरोना वायरस, लक्षण वाले कोरोना वायरस के संक्रमण से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।
एक स्टडी में किया गया दावा
चीन के वुहान शहर में एक स्टडी के दौरान यह देखा गया कि बिना लक्षण वाले कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों में फेफड़ों में कई प्रकार के बदलाव देखे गए हैं। यह बदलाव फेफड़ों के डैमेज होने की आशंका को बढ़ाने वाले हैं जो एक चिंता का विषय है। एक अध्ययन के दौरान बिना लक्षण वाले कोरोना वायरस के मरीजों के फेफड़ों का सीटी स्कैन किया गया। सीटी स्कैन के बाद यह देखा गया कि गंभीर लक्षणों वाले कोरोना वायरस के मरीजों की तुलना में, बिना लक्षण वाले कोरोना वायरस के कुछ मरीजों के फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंच रहा है।
इसके बाद इस बात की आशंका जताई जा रही है कि बिना लक्षण वाले कोरोना वायरस के मरीजों में अंडरलाइंग ऑर्गन डैमेज का खतरा भी बढ़ सकता है। हालांकि, वैज्ञानिकों ने अंडरलाइंग टिश्यु में विशेष प्रकार की सूजन भी देखी है जो कोविड-19 के अलावा अन्य विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य जोखिम के कारण भी उत्पन्न होती है।
गौरतलब है कि इस बारे में पहले भी कई रिसर्च रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं जिजिनमें इस बात का दावा किया गया है कि बिना लक्षण वाले कोरोना वायरस के मरीज संक्रमण को फैलाने में, कुछ खास भूमिका नहीं निभाते हैं। इससे संक्रमण के फैलने की दर को भी काफी कम किया जा सकता है।
कुछ वैज्ञानिकों का यह दावा भी है कि बिना लक्षण वाले कोरोना वायरस के मरीजों को स्वास्थ्य जोखिम का खतरा कम होता है, लेकिन इस नई रिसर्च ने वैज्ञानिकों की चिंता को और भी बढ़ा दिया है। फिलहाल इस बारे में अभी विस्तृत अध्ययन की जरूरत है। इस दौरान अगर आपको कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका है तो बिना देर किए आपको कोविड-19 करवाना चाहिए और प्रॉपर ट्रीटमेंट लेना चाहिए।
क्या कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद भी दिमाग रहेगी ये समस्या, देखें यह खास Video
Source link


