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COVID-19: यूपी की तीन जेलों में हुई नई शुरुआत, कोरोना से बचाव के लिए बनी डिसइंफेक्शन टनल

केबिन और टनल में इस्तेमाल होने वाले डिसइंफेक्टेन्ट का मानव शरीर या खुले अंगों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है. (प्रतीकात्‍मक फोटो) Disinfectants used in cabins and tunnels have no adverse effect on the human body or open organs.

कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए गाजियाबाद जेल (Ghaziabad Jail) में डिसइन्फेक्शन टनल, हरदोई और आगरा जेल में डिसइन्फेक्शन केबिन (Disinfection Cabin) बनाए गए हैं.

लखनऊ. कोरोना (Corona) संकट के दौरान यूपी की तीन जेलों में एक नई शुरुआत की गई है. जेल में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति को सैनिटाइज (sanitize) और डिसइंफेक्‍ट (Disinfect) करने के लिए गाजियाबाद, हरदोई और आगरा जेलों के गेट पर डिसइन्फेक्शन केबिन और चैनल बनाए गए हैं. गाजियाबाद जेल में डिसइन्फेक्शन टनल और हरदोई, आगरा जेल में डिसइन्फेक्शन केबिन बनाए गए हैं. डीजी जेल आनंद कुमार (DG Jail Anand Kumar) ने बताया कि अभी फिलहाल तीन जेलों से शुरुआत हुई है. हम अपने संसाधनों से यह डिसइन्फेक्शन चैनल और केबिन बना रहे हैं.

डीजी जेल आनंद कुमार ने बताया कि सैनिटाइजर का निर्माण हमारी ज्यादातर जेलों में हो रहा है. जेलों में बने सैनिटाइजर की फ़ुहारों का इस्तेमाल इस तरीके से किया जाता है कि कपड़े गीले नहीं होते हैं. उन्‍होंने बताया कि जेलकर्मियों को अपनी ड्यूटी के दौरान या तो लगातार खड़ा रहना पड़ता है या फिर टहलना पड़ता है, लिहाजा उनकी ड्यूटी अवधि को 4 किया गया है. इस तरह, 4 घंटे की ड्यूटी के बाद बैरकों में तैनात जेलकर्मियों को 4 घंटे आराम मिलता है और फिर से उन्‍हें 4 घंटे ड्यूटी करनी होती है.

इस तरह इंफेक्‍शन से बचेगी वर्दी
उन्‍होंने बताया कि इस दौरान जेलकर्मी वही वर्दी पहने रहता है. वह बार-बार वर्दी धो नहीं सकता है. इसलिए, जेल में दाखिल होते समय उसे डिसइंफेक्शन टनल या केबिन से गुजरना होता है. इस प्रक्रिया से जेलकर्मियों की वर्दी इंफेक्शन से बच जाती है. डीजी जेल के मुताबिक यदि बैरक में तैनात एक भी जेलकर्मी संक्रमित हो गया, तो पूरी बैरक में संक्रमण का खतरा हो सकता है. इसलिए, डिसइंफेक्शन केबिन से गुज़रते ही उसके खतरे का इंफेक्‍शन कम हो जाता है.अब सभी के लिए जरूरी हुआ डिसइंफेक्‍शन
डीजी जेल ने बताया कि जेल में आने वाले हर व्यक्ति को इस केबिन से गुजरना होगा. उन्‍होंने केबिन और टनल में इस्तेमाल होने वाले डिसइंफेक्टेन्ट का मानव शरीर या खुले अंगों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है. ये सुनिश्चित करने के बाद ही इसकी शुरुआत की गई है. डिसइंफेक्टेन्ट की फ़ुहारों से जेल में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति को सैनिटाइज किया जा रहा है, जल्द ही कुछ अन्य जेलों में भी इसकी शुरुआत की जाएगी.

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First published: April 6, 2020, 10:05 PM IST




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