नाकाबंदी के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है.
रायपुर (Raipur) में कोरोना वायरस (Covid-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया है.
रायपुर के जोरा गांव में सोमवार की सुबह न्यूज 18 की टीम पहुंची. महिलाओं द्वारा नाकाबंदी की जगह साबुन भी रखा है. कोशिश यही है कि गांव से कोई बाहर न निकले और न बाहर का कोई भीतर जाए. लेकिन, इसके बाद भी अगर कोई जरूरी काम बताकर आना-जाना कर रहा है, तो उन्हें सेनेटाइज भी महिलाओं द्वारा किया जा रहा है. इतना ही नहीं जब ये पता चलता है कि बेवजह लोग बाहर निकले हैं, तो महिलाएं डंडे से धुलाई करने से भी परहेज नहीं कर रही हैं.
शिफ्ट में कर रहीं ड्यूटी
महिलाओं के नाका पर शिफ्ट में ड्यूटी तय की गई है. सोमवार को पहली शिफ्ट में संजू, प्रतिमा कुमारी और दुर्गा के साथ चार और महिलाएं ड्यूटी पर हैं. संजू कहती हैं, ‘हमें चकमा देना आसान नहीं है, क्योंकि घर की महिलाओं से बेहतर कौन समझ सकता है कि बाहर जाने की कितनी जरूरत है. गांव के पुरुषों और लड़कों को बाहर जाने का बड़ा शौक है. जरूरी सामान के बहाने बाहर निकल रहे हैं. अब इन बहानों से तंग आकर हमने नाका बनाया है. जरूरत पड़ती है तो डंडे भी चला लेते हैं. खासतौर पर गांव के युवाओं को.’..तो दी समझाइश
इस बातचीत के बीच अचानक बार-बार समझाइश के बाद भी नहीं मान रहे गांव के एक 20 साल के युवा पर महिलाएं नाराज होती हैं.
संजू स्थानीय छत्तीसगढ़ी बोली में कहती हैं, ‘अब तैं नहीं मानेस त तोला छरहूं. युवा जवाब देता है कि चाची ते मोला मीडिया के सामने छरहूं कथस. पीटे के बात करथस का इज्जट रह जाहि मोर, लेकिन तब तक इस युवा को दुर्गा दो डंडे झाड़ चुकी थीं.
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First published: March 30, 2020, 10:41 AM IST

