delay in vaccination: COVID-19: वैक्सीन लगवाने में की देरी तो तेजी से बनेंगे कोरोना के खतरनाक नए वेरिएंट, एक्सपर्ट्स ने दी चेतवानी – delay in vaccination may lead to development new coronavirus variants here know doctors opinion

​जानलेवा वायरस के लिए गेमचेंजर हो सकता है वैक्सीनेशन

भारत सरकार (Government of India) ने ऐलान किया कि 18 साल से अधिक आयु के सभी लोग 1 मई से शुरू होने वाले कोविड-19 वैक्सीनेशन के पात्र होंगे। एक्सपर्ट का कहना है कि वैक्सीनेशन (vaccination) ही घातक महामारी (Deadly pandemic) को देश से बाहर करने के लिए अंतिम खेल माना जाना चाहिए। हालांकि ये लक्ष्य इतनी जल्दी हासिल नहीं किया जा सकेगा क्योंकि युवा और बुजुर्ग वैक्सीन लेने में अब भी संकोच कर रहे हैं।

ग्लेनेगल्स ग्लोबल हॉस्पिटल्स (Gleneagles Global Hospitals) के क्लस्टर CEO डॉ. मर्विन लियो (Dr Mervin Leo) ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया कि कोविड -19 वायरस के पास अभी भी तमाम मेजबान यानी होस्ट (कोविड के नए वेरियंट) हैं, जो और भी नए वेरिएंट को तेजी से विकसित करने की क्षमता रखते हैं।

डॉ. के अनुसार, कोरोना के नएवेरिएंट मौजूदा वैक्सीन की प्रभाविकता को कम कर सकते हैं जो निश्चित रूप से सही नहीं होगा। इसलिए जितना जल्द हो सके सभी लोग एक- दूसरे को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित करें और सुनिश्चित करें कि वायरस हमारे जीवन से बाहर चला जाए।

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​हर्ड इम्यूनिटी हासिल करने के लिए जरूरी सभी को वैक्सीनेट होना

हैदराबाद में हेल्थकेयर सुविधाएं (Healthcare facilities across Hyderabad) आने वाले हफ्तों में अधिक से अधिक आबादी को वैक्सीनेट करने की अपनी क्षमता को बढ़ा रही हैं। हेल्थ कंपनियों का मानना है कि सभी का वैक्सीन लगवाना ही कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में सर्वश्रेष्ठ पहल है।

कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल्स के CEO रियाज खान ने कहा, ‘हर्ड इम्यूनिटी (Herd immunity) को हासिल करने के लिए हमें देश की अधिक से अधिक आबादी को वैक्सीनेट कराना होगा जिससे महामारी को कंट्रोल किया जा सके। ये लक्ष्य हमें तब तक हासिल नहीं हो सकता जब तक कि हर एक व्यक्ति टीकाकरण अभियान में शामिल न हो जाए। कोरोनोवायरस की जंग में सामुदायिक प्रयास (Community effort) की जरूरत है और हर किसी को टीका लगवाने के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा, टीके जरूर लगवाएं ताकि हम एक व्यक्ति से दूसरे को संक्रमित करने वाले वायरस के ट्रांसमिशन की चैन को तोड़ सकें।

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​वायरस से लड़ने में प्रभावी हैं कोविशिल्ड और कोवाक्सिन

SLG अस्पताल के कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर आरथी बेल्लारी ने कहा, जितना जल्द हो सके सभी को कोविशिल्ड और कोवाक्सिन (Covishield/Covaxin) को प्राप्त करने के लिए जोर देने की आवश्यकता है और ये दोनों ही टीके वायरस के खिलाफ बेहद प्रभावी हैं। इनका सिंगल डोज भी काफी इफेक्टिव साबित हुआ है। ये दोनों ही वैक्सीन अस्पताल में भर्ती होने से रोकने में और डेथ रेट कम करने में अत्यधिक इफेक्टिव हैं।

वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को एक साल तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि अगर अब हमने देरी की तो भविष्य में कोरोना के म्यूटेशन से और भी नए वेरिएंट विकसित हो सकते हैं जो कि दुष्प्रभाव का कारण बनेंगे।

​वैक्सीनेशन पर USA की डॉक्टर की राय

-usa-

USA की डॉज सिटी में स्थिति इंटरनल मेडिसिन वेस्टर्न प्लांस हॉस्पिटल की डॉ. अनुषा कर्रा ने कहा, आरएनए (RNA) के टीके और एडेनोवायरस आधारित टीके (कोविड 19 के खिलाफ टीके विकसित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकें) पहले से ही हियूमन फेस ट्रायल के सेकेंड फेस में हैं जैसे कि इन्फ्लूएंजा और एक अलग कोरोनावायरस नामक संक्रामक रोग के लिए दो मानव परीक्षण हो रहे हैं।

वैज्ञानिकों के पास पहले से ही ऐसे टीकों पर सुरक्षा और इम्यूनोजेनेसिटी डेटा है। उन्होंने कहा कि यह समय है जब हम चिकित्सा विज्ञान में भरोसा करें और जल्द से जल्द टीकाकरण कराएं।

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