Venezuela Acting President: वेनेजुएला की राजनीति में एक घटनाक्रम देखने को मिला. अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के कुछ ही घंटों बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली. इस दौरान चीन, रूस और ईरान ने खुलकर उनका समर्थन किया. वहीं राजधानी कराकस में मादुरो समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किए.
डेल्सी रोड्रिगेज को शपथ उनके भाई और नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने दिलाई. शपथ लेते वक्त डेल्सी रोड्रिगेज भावुक नजर आईं. उन्होंने कहा कि वह भारी मन से यह जिम्मेदारी संभाल रही हैं और मादुरो व उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिका द्वारा अगवा किए जाने की भी बात कही. उन्होंने खुद को संवैधानिक राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की उपराष्ट्रपति बताते हुए कार्यभार संभालने की बात दोहराई.
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद वेनेजुएला के करीबी देशों चीन, रूस और ईरान के राजदूत सबसे पहले उन्हें बधाई देने पहुंचे. चीन की राजदूत लान हू ने उन्हें गले लगाया इसके बाद रूस के राजदूत सर्गेई मेलिक-बागदासारोव ने भी उनसे मुलाकात की है. ईरान के राजदूत अली चेगिनी ने सम्मान के तौर पर झुककर अभिवादन करते देखा गया. शपथ समारोह के दौरान तीनों देशों के राजदूत साथ खड़े नजर आए. चीन, रूस और ईरान ने अमेरिका के उस सैन्य अभियान की कड़ी निंदा की है जिसमें राष्ट्रपति मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया. इन देशों का कहना है कि यह वेनेजुएला की संप्रभुता के खिलाफ है.
वहीं मादुरो के हटने के बाद भी उनके समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए थे. कराकस में सैकड़ों लोग वेनेजुएला के झंडे लेकर और मादुरो के समर्थन में तख्तियां उठाकर प्रदर्शन करते नजर आए. सरकार की ओर से पहले भी इस तरह के प्रदर्शन कराए जाते रहे हैं, ताकि जनता का समर्थन दिखाया जा सके. इससे पहले अगस्त में भी जब अमेरिका ने मादुरो पर इनाम बढ़ाकर 5 करोड़ डॉलर किया था तब कराकस में बड़ा समर्थन प्रदर्शन हुआ था और उसमें डेल्सी रोड्रिगेज भी शामिल थीं.
पहले भी ऐसा देखा गया है कि जब लोकतांत्रिक विपक्ष ने प्रदर्शन किए तो सरकार समर्थकों ने उनके खिलाफ जवाबी प्रदर्शन किए थे. इससे राजधानी की सड़कों पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे.
बता दें कि इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका के पूर्व राजदूत चार्ल्स शैपिरो ने कहा कि अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाल करने से ज्यादा स्थिरता बनाए रखने पर ध्यान दे रहा है. उन्होंने बताया कि अमेरिकी सरकार ने आंतरिक मंत्री डियोसदादो काबेलो को उनके पद पर बने रहने दिया है. जबकि उनका नाम भी उसी अमेरिकी केस में है जिसमें मादुरो का नाम शामिल है. काबेलो अभी भी पुलिस बल की कमान संभाले हुए हैं.
अमेररिका के पूर्व राजदूत शैपिरो के मुताबिक कराकस में जश्न जैसा माहौल इसलिए नहीं है क्योंकि लोगों को नहीं पता कि पुलिस आगे क्या कदम उठाने वाली है. उनका कहना है कि मादुरो हट गए हैं लेकिन उनकी पूरी व्यवस्था अब भी कायम है. उन्होंने यह भी कहा कि डेल्सी रोड्रिगेज लंबे समय से मादुरो की करीबी रही हैं इसलिए सत्ता में वही लोग बने हुए हैं.
पूर्व राजदूत ने यह भी बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न तो विपक्ष के नेता एडमंडो गोंजालेज उरुतिया को सत्ता सौंपने में रुचि दिखाई और न ही विपक्ष की प्रमुख नेता मारिया कोरिना माचाडो पर भरोसा जताया है. उनके अनुसार अमेरिका अब वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को देश के पुनर्निर्माण के लिए फंड जुटाने का जरिया मान रहा है हालांकि यह प्रोसेस आसान नहीं होने वाला है.
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