Delhi Election: विकास से भटके, तो BJP से वोटर्स छिटके – Delhi assembly election 2020 india today axis my india exit poll aap arvind kejriwal bjp narendra modi

  • 42 फीसदी लोगों ने विकास पर फोकस न करने को बताया वजह
  • 57 ने केंद्र के कार्य, तो 25 फीसदी ने मोदी के नाम पर दिया वोट

दिल्ली के विधानसभा चुनाव पर पूरे देश की नजर थी. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे आंदोलन के बीच चुनाव प्रचार के दौरान भारत बनाम पाकिस्तान से लेकर हिंदू बनाम मुसलमान तक, जुबानी जंग ने सारी हदें तोड़ दीं. गृह मंत्री अमित शाह ने डोर टू डोर कैंपेन किया, तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 240 सांसदों ने स्लम में चार दिन डेरा डालकर निम्न और मध्यम वर्ग को अपने पाले में करने का पुरजोर प्रयास भी. एग्जिट पोल के आए नतीजे कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं.

मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी 70 में से 59 से 68 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखती हुई नजर आ रही है. वहीं, 21 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी का दंभ भर रही विरोधी भाजपा पूरा दमखम झोंकने के बावजूद महज 2 से 11 सीटों पर सिमटती दिख रही है. अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर दिल्ली में भाजपा से वोटर्स क्यों दूर हुए? एग्जिट पोल की मानें तो विकास के मुद्दे से भटकना भाजपा को भारी पड़ गया. विकास का मुद्दा छोड़ने के कारण वोटर्स भाजपा से छिटक गए.

यह भी पढ़ें- प्रचंड बहुमत की ओर AAP, 70 में से 68 सीटों पर जीत संभव

इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक 42 फीसदी लोगों ने भाजपा का समर्थन नहीं करने के पीछे विकास कार्यों पर फोकस नहीं करने को वजह बताया है. वहीं, 14 फीसदी लोगों का कहना है कि वे केंद्र और राज्य में अलग-अलग सरकार चाहते हैं. 13 फीसदी लोगों ने एमसीडी के साथ ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खराब प्रदर्शन को पार्टी का समर्थन नहीं करने के पीछे वजह बताया है.

यह भी पढ़ें- Delhi Election 2020 आजतक एग्जिट पोल: CAA को लोगों ने किया खारिज, विकास के मुद्दे पर पड़े 37% वोट

उच्च आय वर्ग के साथ ही ब्राम्हण, जाट और गुर्जर मतदाताओं ने भाजपा का साथ दिया है. फिर भी, पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने वालों में से 48 फीसदी वोटर्स आप के साथ चले गए. इनमें बड़ी संख्या निम्न और निम्न मध्य वर्ग के वोटरों की है. भाजपा को जिन मतदाताओं ने वोट दिया भी, उनमें से 57 फीसदी ने केंद्र सरकार के कार्य और 25 फीसदी ने मोदी के नाम पर वोट दिया.

सीएए, शाहीन बाग नहीं बन सके मुद्दा

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, राम मंदिर के साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान तीन तलाक, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और शाहीन बाग को भी मुद्दा बनाने की कोशिशें हुईं. इन्हें महज दो फीसदी लोगों ने ही मुद्दा माना. राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर छह फीसदी लोगों ने मतदान किया.

क्या थी सैंपल सर्वे की साइज

इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया ने एग्जिट पोल के लिए दिल्ली की सभी 70 सीटों पर जाकर वोटर्स से बातचीत की. इस एग्जिट पोल का सैंपल साइज 14,011 था. इसमें 66 फीसदी पुरुष और 34 फीसदी महिलाएं हैं. एग्जिट पोल के दौरान जिनसे बात की गई, उनमें 16 फीसदी लोगों की उम्र 18-25 साल के बीच थी. वहीं 29 प्रतिशत लोग 26-35, 36 फीसदी 36-50 साल और 12 फीसदी लोग 51-60 साल की आयु के बीच के थे. 61 साल से ऊपर के लोगों की आयु सात फीसदी थी.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें

  • Aajtak Android App
  • Aajtak Android IOS




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here