difference between ocd and ibs: OCD और IBS के बीच का अंतर कम ही लोग जानते हैं! – difference in irritable bowel syndrome and obsessive compulsive disorder

Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) और इरिटेबल बॉल सिंड्रोम (IBS) दोनों लगभग एक जैसी ही बीमारियां हैं। लेकिन टेक्निकली दोनों अलग हैं और आमतौर पर इनकी वजह भी अलग-अलग ही होती हैं। ओसीडी का मरीज जहां बार-बार आनेवाले थॉट्स से परेशान होता है। वहीं, आईबीएस का मरीज इस फीलिंग से परेशान होता है कि उसे प्रेशर आ रहा है…

ओसीडी को इस तरह समझें

जो लोग OCD से ग्रसित होते हैं उन्हें रीपिटेड थॉट्स आते हैं यानी कि उन्हें एक ही तरह के विचार बार-बार आते रहते हैं। ये विचार उन्हें परेशान करते हैं और उन विचारों के अनुसार ही वे एक काम को बार-बार करते रहते हैं। जैसे, बार-बार टॉइलट जाना, कोई व्यक्ति बार-बार हाथ धोता रहता है। कई बार तो यह दिक्कत इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति एक दिन में साबुन की एक-एक टिक्की तक खत्म कर देता है!

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आईबीएस को ऐसे समझें

इरिटेबल बॉल सिंड्रोम (IBS) को आप एक ऐसे टर्म के रूप में समझ सकते हैं, जो पेट के अंदरूनी हिस्सों में आई सूजन और अन्य समस्याओं को बताने के लिए उपयोग किया जाता है। आईबीएस हमारे पाचन तंत्र के साथ अन्य कई अंगो से जुड़ी एक क्रॉनिक कंडीशन है। इस बीमारी में भी रोगी को बार-बार प्रेशर बनने का अहसास होता है। अगर रोग बिगड़ जाता है तो मोशन के साथ ब्लड भी आ सकता है।

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बार-बार बाथरूम जाने की समस्या

OCD और IBS के बीच का अंतर

Irritable Bowel Syndrome (IBS) एक ऐसी मानसिक दिक्कत है, जो ऐंग्जाइटी डिसऑर्डर से संबंधित होती है। इसमें भी पीड़ित व्यक्ति को बाथरूम में ज्यादा वक्त लगता है लेकिन यह सिंड्रोम ओसीडी से टेक्निकली अलग होता है। क्योंकि ओसीडी का पेशंट एक बार बाथरूम में जाता है तो कई घंटे बिताकर बाहर आता है जबकि इरिटेबल बॉल सिंड्रोम का पेशंट बार-बार बाथरूम में जाता है और जल्दी ही आ जाता है लेकिन फिर से उसे अहसास होने लगता है कि उसे प्रेशर आ रहा है।

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इस कंफ्यूजन से बचें

-आमतौर पर मरीज इरिटेबल बॉल सिंड्रोम (IBS) और इंफ्लामेट्री बॉल डिजीज (IBD)को लेकर भी असमंजस में रहते हैं। आप इन्हें एक ही बीमारी के दो नाम की तरह समझ सकते हैं। बाकी इनके बारे में अगर डिटेल से जानने का मन हो तो अपने डॉक्टर से समझ सकते हैं।

-इतना समझ लीजिए कि डिजीज यानी बीमारी शरीर के किसी एक अंग से संबंधित होती है। जबकि सिंड्रोम में शरीर के एक से अधिक अंग शामिल होते हैं। यानी यह बीमारी का विस्तृत रूप या कई छोटी-बड़ी बीमारियों का समूह होता है।

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