रमजान का महीना शुरू हो गया है . रमजान का महीना इस्लाम धर्म में सबसे पवित्र महीना माना जाता है . लेकिन वर्ष 2020 का रमज़ान दुनिया के 180 करोड़ से अधिक मुसलमानों के लिए बिलकुल अलग है. कोरोना वायरस की वजह से दुनिया के ज्यादातर इस्लामिक देशों भी इस समय Lock Down में हैं . पिछले 14 सौ वर्षों में ये पहला मौका है जब सऊदी अरब में मक्का और मदीना की मस्जिदें रमजान के पवित्र महीने में भी बंद रहेंगी . ये दोनों…इस्लाम के दो सबसे बड़े धर्मस्थल हैं .
कल मक्का और मदीना की मस्जिद में सिर्फ वहां के धर्मगुरुओं, सुरक्षाकर्मियों और सफाई कर्मचारियों ने सामूहिक नमाज़ अदा की . ये पहला मौका है जब आम लोगों को इन मस्जिदों में नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं मिली है. सऊदी अरब में आज रमजान का पहला दिन है. और आज से वहां पर लोगों ने रोजा रखने की शुरुआत की है. हर वर्ष दुनिया भर से करीब 1 करोड़ लोग हज और उमरा के लिए मक्का और मदीना आते हैं . लेकिन इस वर्ष सऊदी अरब ने इन यात्राओं पर रोक लगा दी है.
कोरोना काल में इस्लाम धर्म के सबसे बड़े तीर्थस्थलों के दरवाजे बंद हैं लेकिन पाकिस्तान ने कट्टरपंथियों के दबाव में आकर अपनी मस्जिदें खोल दी हैं . पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कट्टरपंथियों की बात मानकर रमजान के दौरान लोगों को मस्जिदों में नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी है . पाकिस्तान की सरकार पर दबाव इतना ज्यादा है कि उसने आतंकवादियों और कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए अपने 21 करोड़ नागरिकों को खतरे में डाल दिया है . अब आप सोचिए कि जब लोगों की सुरक्षा के लिए इस्लाम के सबसे पवित्र धर्मस्थल भी इस समय बंद हैं तब पाकिस्तान में मस्जिदों में भीड़ लगाने की अनुमति दी गई है . कोरोना संक्रमण के खतरे के बावजूद पाकिस्तान के कट्टरपंथी…मस्जिदों में ही सामूहिक नमाज पढ़ना चाहते हैं. अब वहां की सरकार और धर्मगुरुओं के बीच एक समझौता हुआ है और मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए 20 नियम भी बनाए गए हैं:
– मस्जिदों में नमाज पढ़ने के लिए Social Distancing के नियमों का पालन करना होगा. दो लोगों के बीच 6 Feet की दूरी अनिवार्य होगी .
– मस्जिद आने वाले लोगों को Face Mask पहनना होगा, उन्हें हाथ मिलाने और दूसरों से गले लगने से भी बचना होगा .
– 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोग, नाबालिगों और Flu से पीड़ित लोगों को मस्जिदों में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी .
– रमजान के दौरान विशेष नमाज किसी सड़क या Footpath पर आयोजित नहीं की जाएगी और नमाज के लिए मस्जिदों के फर्श को नियमित रूप से Dis-infect किया जाएगा .
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हालांकि पाकिस्तान के डॉक्टरों का दावा है इस फैसले से पाकिस्तान में कोरोना वायरस का संक्रमण नियंत्रण से बाहर हो सकता है. पाकिस्तान में इस समय 11 हज़ार से ज्यादा लोग इस वायरस से पीड़ित हैं, और 230 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहां के सबसे बड़े शहर, कराची में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए बनाए गए सभी अस्पताल लगभग भर चुके हैं. और अब उनमें नए मरीजों के लिए भी जगह नहीं बची है .
पाकिस्तान की तरह इंडोनेशिया के लोग भी रमज़ान के दौरान Social Distancing के नियमों का पालन नहीं करना चाहते हैं . इंडोनेशिया में दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है. इंडोनेशिया के एक प्रांत में रमज़ान शुरु होने से पहले, लोगों ने नियम तोड़कर मस्जिद में सामूहिक नमाज अदा की . इस दौरान कुछ लोगों ने Face Mask पहना हुआ था . लेकिन वहां पर Social Distancing के नियमों का पालन नहीं किया गया .
लेकिन इस समय दुनिया के कई इस्लामिक देशों के अलावा मुसलमानों की बड़ी आबादी वाले देशों में धार्मिक गतिविधियों पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं. ईरान की मस्ज़िदों में शुक्रवार को होने वाली सामूहिक नमाज पर रोक लगा दी गई है . वहां शिया मुसलमानों के धर्मस्थल भी बंद कर दिए गए हैं. और इसके लिए वहां के राष्ट्रपति ने खेद भी जताया है.
तुर्की में रोजा शुरू करने से पहले और रोजा तोड़ने के बाद लोगों के एक साथ बैठकर भोजन करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है . मिस्र में कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद से वहां की मस्ज़िदों को बंद कर दिया गया है.
भारत में भी रमज़ान का महीना शुरू हो चुका है . लेकिन रमज़ान की खरीददारी के दौरान Lockdown के नियमों के उल्लंघन की भी तस्वीरें सामने आई. दिल्ली और मुंबई से आई तस्वीरें आपको देखनी चाहिए.
उत्तर प्रदेश के बहराइच में आज लॉक डाउन तोड़ने वाले 32 नमाज़ियों को गिरफ्तार किया गया है. बहराइच के दो अलग-अलग इलाकों में ये सभी लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करके मस्ज़िद में नमाज़ पढ़ने जा रहे थे. अब इन 32 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है.


