अंतरराष्ट्रीय मंच पर बागेश्वर धाम की गूंज, श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री से मिले बागेश्वर सरकार

श्रीलंका में बागेश्वर सरकार ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना, बोले- सनातन के उत्थान में ऐतिहासिक कार्य कर रहा भारत..

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी (बागेश्वर सरकार) इन दिनों सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार, श्रीलंका में निवासरत हिंदू समाज को आशीर्वचन देने तथा भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प के साथ तीन दिवसीय श्रीलंका यात्रा पर हैं।श्रीलंका यात्रा के प्रथम दिवस पर बागेश्वर सरकार ने अशोक वाटिका पहुंचकर हनुमान जी के पावन पदचिह्नों के दर्शन किए। इसके पश्चात उन्होंने कोलंबो स्थित प्राचीन मयूरापति भद्रकाली मंदिर में माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया।यात्रा के दौरान बागेश्वर सरकार ने श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति एवं पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्र राजपक्षे से सौहार्दपूर्ण भेंट की। दोनों के मध्य सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों, सामाजिक उत्थान तथा भारत-श्रीलंका के सांस्कृतिक संबंधों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान बागेश्वर सरकार ने महेंद्र राजपक्षे को बागेश्वर बालाजी की पावन पट्टिका पहनाई तथा “साधु जी सीता” पुस्तक भेंट स्वरूप प्रदान की।भेंटवार्ता के दौरान बागेश्वर सरकार ने कहा कि भारत और श्रीलंका के मध्य सनातन संस्कृति का संबंध अत्यंत प्राचीन और आत्मीय है। उन्होंने कहा कि भारत के श्रद्धालु माता जानकी की स्मृतियों से जुड़े श्रीलंका के पावन स्थलों के दर्शन करने आते हैं और भविष्य में श्रीलंका के अधिक से अधिक श्रद्धालु भगवान श्रीरामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचें, यही हमारी कामना है।बागेश्वर सरकार ने बागेश्वर धाम द्वारा संचालित जनसेवा कार्यों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि बागेश्वर धाम की दान पेटी में आने वाली राशि से गरीब एवं जरूरतमंद बेटियों के विवाह संपन्न कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव में देश की राष्ट्रपति महोदया भी कन्याओं को आशीर्वाद देने बागेश्वर धाम पहुंची थीं। साथ ही उन्होंने बताया कि क्षेत्र के सबसे बड़े कैंसर अस्पताल का निर्माण भी बागेश्वर धाम में कराया जा रहा है, जिसके शिलापूजन कार्यक्रम में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पधारे थे,पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्र राजपक्षे से चर्चा के दौरान बागेश्वर सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी भारत में सनातन संस्कृति के उत्थान और राष्ट्र निर्माण के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भगवान श्रीरामलला अपनी अस्थायी झोपड़ी से निकलकर भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं और उनके मार्गदर्शन में भारत निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है।बागेश्वर सरकार ने श्रीलंका के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी नशे और अन्य बुराइयों से दूर रहकर भक्ति, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के मार्ग को अपनाए। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता ही जीवन को सही दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है।बागेश्वर सरकार की पहली श्रीलंका यात्रा को लेकर वहां के हिंदू समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में स्थानीय हिंदू परिवार उनसे मिलने पहुंचे। बागेश्वर सरकार ने सभी श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद किया, उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण दिया।बागेश्वर सरकार की यह यात्रा केवल एक आध्यात्मिक प्रवास नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनातन संस्कृति के प्रसार, भारत की सांस्कृतिक चेतना को विश्व मंच पर स्थापित करने तथा भारत-श्रीलंका के आध्यात्मिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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