Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

लॉकडाउन में मिली ढील के बाद कई लोगों को सड़कों पर बेपरवाह घूमते हुए देखा जा सकता है। कई लोग तो मास्क बिना लगाए भी नजर आ रहे हैं। लेकिन ऐसा करना बिल्कुल भी सही नहीं है। ना तो आपकी अपनी सेहत के लिए और ना ही आपके परिवार के लिए। अगर मास्क के उपयोग और उसके प्रभावी होने या ना होने पर आपको अभी भी संदेह है तो यहां जान लीजिए कि किस तरह मास्क आपको कोरोना के साथ ही कई अन्य बीमारियों से बचाने में सहायक है…
सीडीसी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगर यही हाल रहा तो अगले कुछ महीने में भारत की 50 फीसदी आबादी कोरोना से प्रभावित हो जाएगी। लेकिन साथ ही सीडीसी ने यह भी कहा है कि कोरोना पीड़ित इस आबादी में बड़ा हिस्सा उन लोगों का होगा, जिनमें संक्रमण के लक्षण पता भी नहीं चलेंगे। ऐसे लोग भी होंगे जो बीमार होकर इम्यून भी हो जाएंगे लेकिन उन्हें खुद नहीं पता होगा कि वे कोरोना का शिकार थे। यह बात इसलिए भी कोरोना से जुड़े मामलों पर फिट बैठती दिखाई दे रही है क्योंकि हमारे देश में युवा वर्ग की बड़ी संख्या है। इनकी इम्युनिटी पॉवर अच्छी होती है और कोरोना को हराने में इस रोग प्रतिरोधक क्षमता का बड़ा योगदान होता है।
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हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मास्क कोरोना वायरस से बचने की गारंटी नहीं है लेकिन लोगों को प्रोटेक्ट करने में सहायक है। हमारे लिए जरूरी है कि कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों पर ब्रेक लगाने के लिए हम सभी अपनी तरफ से पूरी सतर्कता बरतें और हाइजीन का पूरा ध्यान रखें। कोरोना के वायरस की चपेट में आने से बचाने और इस वायरस को फैलने से रोकने में मास्क का बड़ा महत्वपूर्ण रोल नजर आ रहा है।
कोरोना से बचने में सहायक है मास्क
ऐसे काम कर रहा है मास्क
-आप मास्क के कारगर होनेवाली बात को इस तरह समझ सकते हैं कि पास-पास बैठे दो लोगों में अगर एक कोरोना संक्रमित है और दूसरा कोरोना संक्रमित नहीं है। लेकिन दोनों ने ही मास्क पहन रखे हैं। तो इस स्थिति में जो व्यक्ति संक्रमित है, उसके मुंह से निकलनेवाले ड्रॉपलेट्स बेहद कम मात्रा में बाहर जा पाएंगे।
-जो ड्रॉपलेट्स सांस के जरिए हवा में जाएंगे भी वे दूसरे व्यक्ति की सांसों में इसलिए नहीं जा पाएंगे क्योंकि उसने भी मास्क पहना हुआ है। साथ ही अगर ये किसी तरह सांस में चले भी जाते हैं तो इनकी मात्रा बेहद कम होगी। ऐसे में ये शरीर पर तुरंत अटैक नहीं कर पाएंगे और जब तक इतनी संख्या में खुद को विकसित करेंगे कि शरीर को रोगी बना सकें। तब तक आपकी इम्युनिटी इन्हें खत्म कर देगी।
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-अगर आपमें कोरोना लक्षण आते हैं तो तुरंत ट्रीटमेंट पाकर आप जल्दी स्वस्थ हो सकते हैं। वहीं, अगर मास्क का उपयोग ना किया जाए तो बीमार व्यक्ति की सांसों और मुंह से बड़ी मात्रा में कोरोना ड्रॉपलेट्स हवा में आएंगे और आस-पास बैठे लोगों को बड़ी संख्या में प्रभावित कर गंभीर रूप से बीमार बना सकते हैं।
कोरोना से कैसे बताता है फेस मास्क?
ये सावधानियां हैं बेहद जरूरी
-मास्क पहनने के दौरान इस बात का अब भी पूरा ध्यान रखना है कि आप इस मास्क को बार-बार टच ना करें।
-अगर मास्क उतारना है तो पहले हाथों को साबुन से धुल लें या फिर सेनिटाइज करें, उसके बाद ही मास्क को हाथ लगाएं।
-बाजार में मास्क अब सस्ती दरों और बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। लेकिन आप चाहें तो घर पर बने मास्क का उपयोग भी कर सकते हैं।
-जिन मास्क को दोबारा उपयोग किया जा सकता है, उन्हें तेज गर्म पानी में भिगोकर रखने, सावधानी से धोने और तेज धूप में सुखाने के बाद ही दोबारा उपयोग में लाएं।
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